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नीतिशहर

शहर सिर्फ ढांचा न बनाएं, सेवाएं भी दें: शहरी सम्मेलन के समापन पर बोले खट्टर

भुवनेश्वर में दो दिन का राष्ट्रीय शहरी सम्मेलन रविवार को प्रदर्शन आधारित सेवाओं, भरोसेमंद जलापूर्ति और मजबूत नगर निकाय वित्त की अपील के साथ खत्म हुआ। हुडको ने अर्बन चैलेंज फंड के लिए पोर्टल शुरू किया।

संपादकीय डेस्क से · भुवनेश्वरप्रकाशित
केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर (फ़ाइल फ़ोटो)
केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर (फ़ाइल फ़ोटो)Photo: Maryland GovPics / Wikimedia Commons, CC BY 2.0

मुख्य बातें

  1. मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि शहरों में जोर अब प्रदर्शन आधारित सेवा वितरण पर होना चाहिए।
  2. भुवनेश्वर में दो दिन के सम्मेलन में करीब 1,200 प्रतिनिधि शामिल हुए।
  3. समापन पर हुडको ने अर्बन चैलेंज फंड के लिए पोर्टल शुरू किया।

केंद्र सरकार चाहती है कि भारत के शहरों को उनकी बनाई परियोजनाओं से नहीं, बल्कि उनकी दी गई सेवाओं से आंका जाए। आवास और शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने रविवार को भुवनेश्वर में राष्ट्रीय शहरी सम्मेलन के समापन पर यह बात कही।

दो दिन की बैठक के बाद खट्टर ने पत्रकारों से कहा, “सिर्फ ढांचा खड़ा करने से आगे बढ़ने पर खास जोर दिया गया।” सम्मेलन उनके मंत्रालय ने ओडिशा सरकार के साथ मिलकर आयोजित किया था। उन्होंने मेजबानी के लिए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और राज्य सरकार का आभार जताया।

सम्मेलन का यह दूसरा संस्करण 24 और 25 अक्टूबर को “अर्बन राइजिंग: रीथिंकिंग अर्बन सिस्टम्स, सॉल्यूशंस एंड डिलीवरी” विषय पर हुआ। देश-विदेश से करीब 1,200 प्रतिनिधि आए, और 200 से ज्यादा विशेषज्ञों, नीति निर्माताओं, योजनाकारों और प्रशासकों ने आठ विषयगत समूहों में काम किया।

शहरों से क्या कहा गया

खट्टर ने सत्रों से निकली प्राथमिकताएं गिनाईं: प्रदर्शन आधारित सेवा वितरण, कामकाज में दक्षता, भरोसेमंद जलापूर्ति, गंदे पानी का दोबारा इस्तेमाल और रीसाइक्लिंग, और जो ढांचा बन चुका है उसका ठीक से संचालन और रखरखाव। प्रतिभागियों ने नगर निकायों के वित्त को मजबूत करने, शहरी स्थानीय निकायों में पेशेवर क्षमता बढ़ाने और शहर चलाने वाली कई एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल की भी मांग की।

उन्होंने इन सबको शहरों में रहने वालों के लिए “ईज ऑफ लिविंग” यानी जीवन की सुगमता से जोड़ा, और सम्मेलन को सरकार के विकसित भारत 2047 लक्ष्य की राह में शहरी समस्याओं के व्यावहारिक हल खोजने की कोशिश बताया।

समापन पर एक ठोस कदम आवास और शहरी विकास निगम (हुडको) की ओर से आया, जिसने अर्बन चैलेंज फंड के लिए सहायता को आसान बनाने के मकसद से एक अलग पोर्टल शुरू किया। कोई नया लक्ष्य, पैसा या समयसीमा घोषित नहीं की गई।

सम्मेलन उसी दिन खत्म हुआ जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारतीय रिज़र्व बैंक के नए डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान के उद्घाटन के लिए ओडिशा में थे।

मूल दस्तावेज़