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समझिएअमेरिका महाद्वीप

अल्बर्टा का अलगाव पर जनमत संग्रह: लोगों ने क्या चुना, और क्या कोई कनाडाई प्रांत देश से अलग हो सकता है?

शुरुआती नतीजों के मुताबिक सोमवार के जनमत संग्रह में करीब हर चार में से तीन मतदाताओं ने कनाडा के साथ रहना चुना। सवाल क्या था, वोट क्यों हुआ, कोई प्रांत कानूनी तौर पर कैसे अलग हो सकता है, और आगे क्या होगा।

संपादकीय डेस्क सेप्रकाशित

संक्षेप में

19 अक्टूबर को अल्बर्टा ने इस पर वोट दिया कि वह कनाडा का प्रांत बना रहे या अलगाव पर बाध्यकारी जनमत संग्रह की कानूनी प्रक्रिया शुरू करे। शुरुआती नतीजों में करीब 76% ने साथ रहने को चुना। यह वोट बाध्यकारी नहीं था, और अलगाववादी पक्ष जीतता भी तो सिर्फ एक लंबी प्रक्रिया शुरू होती: 1998 की सुप्रीम कोर्ट राय और संघीय क्लैरिटी एक्ट के तहत कोई प्रांत तभी अलग हो सकता है जब साफ सवाल पर साफ बहुमत मिले, फिर बातचीत हो और संविधान संशोधन हो। प्रीमियर डेनियल स्मिथ कह चुकी हैं कि उनकी सरकार के कार्यकाल में दूसरा जनमत संग्रह नहीं होगा।

अल्बर्टा के लोगों ने किस पर वोट दिया?

कनाडा में बने रहने पर, या उससे अलग होने की राह पर पहला कदम रखने पर।

मतपत्र पर सवाल था: क्या अल्बर्टा कनाडा का प्रांत बना रहे, या अल्बर्टा सरकार कनाडाई संविधान के तहत वह कानूनी प्रक्रिया शुरू करे जिससे अलगाव पर एक बाध्यकारी प्रांतीय जनमत संग्रह हो सके?

प्रांत के इतिहास में पहली बार कनाडा छोड़ने का सवाल सीधे मतदाताओं के सामने रखा गया। यह वोट बाध्यकारी नहीं था। दूसरा विकल्प जीतता तब भी अल्बर्टा कनाडा से बाहर नहीं होता; प्रांतीय सरकार को बस दूसरे, बाध्यकारी वोट की तैयारी शुरू करनी पड़ती।

मतदाताओं को प्रीमियर डेनियल स्मिथ की यूनाइटेड कंज़र्वेटिव पार्टी (यूसीपी) सरकार के नौ और सवालों के अलग मतपत्र भी मिले। पांच सवाल आप्रवासन और सरकारी सेवाओं से जुड़े हैं, जैसे क्या अल्बर्टा आप्रवासन पर ज़्यादा नियंत्रण ले, क्या बिना स्थायी दर्जे वाले नए लोगों को प्रांत की सामाजिक सहायता के लिए 12 महीने इंतज़ार करना पड़े, और क्या उनसे स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए शुल्क लिया जाए। चार सवाल संवैधानिक हैं, जिनमें सीनेट खत्म करना और टकराव की स्थिति में प्रांतीय कानूनों को संघीय कानूनों से ऊपर रखना शामिल है।

नतीजा क्या रहा?

साथ रहने के पक्ष में साफ फैसला। अल्बर्टा के समय से सोमवार देर रात आए शुरुआती नतीजों में करीब 76% मत कनाडा में बने रहने के पक्ष में थे।

दिलचस्पी असाधारण रही। मतदान के दिन से पहले एडवांस पोलिंग और डाक से 13.5 लाख से ज़्यादा वोट पड़े, जबकि 2023 के प्रांतीय चुनाव में यह संख्या करीब 8.1 लाख थी। इलेक्शंस अल्बर्टा को 5,19,082 डाक मतपत्र मिले।

प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने एक बयान में कहा, “उन्होंने एकता को चुना, साथ मिलकर बनाने को, और एक-दूसरे का ख्याल रखने को।” अलगाव के बजाय नौ सवालों के लिए प्रचार करने वाली स्मिथ ने लिखा, “अल्बर्टा के लोगों ने एकजुट कनाडा में एक मज़बूत अल्बर्टा के लिए वोट दिया है।” बाकी नौ सवालों की गिनती एक-एक कर हो रही है और नतीजे बुधवार तक आने की उम्मीद है।

वोट हुआ ही क्यों?

एक याचिका कानून की वजह से, जिसे सरकार ने हाल में आसान बनाया था, और पुरानी नाराज़गी की वजह से।

मई 2025 में अल्बर्टा ने अपना सिटिज़न इनिशिएटिव एक्ट बदला। जनमत संग्रह कराने के लिए ज़रूरी हस्ताक्षर पात्र मतदाताओं के 20% से घटाकर पिछले चुनाव में पड़े वोटों का 10% कर दिए गए, और हस्ताक्षर जुटाने का समय 90 से बढ़ाकर 120 दिन कर दिया गया। अलगाववादी और कनाडा-समर्थक, दोनों खेमों ने याचिकाएं शुरू कीं। पूर्व उप-प्रीमियर थॉमस लुकास्ज़ुक की अगुवाई वाले कनाडा-समर्थक अभियान ने 4,04,293 सत्यापित हस्ताक्षर जुटाए।

आखिर में किसी याचिका का सवाल मतपत्र पर नहीं आया। मार्च 2026 में स्मिथ सरकार ने अपने सवाल के साथ नौ और सवालों पर जनमत संग्रह का आदेश दिया। इसके पीछे तेल उत्पादक इस प्रांत में संघीय ऊर्जा और पर्यावरण नीतियों को लेकर बरसों का गुस्सा है, जिसे अलगाववादी गुट अलग होने का तर्क बनाते रहे हैं।

क्या कोई कनाडाई प्रांत सचमुच अलग हो सकता है?

सिर्फ एक लंबी प्रक्रिया से, और अकेले कभी नहीं।

कनाडा के संविधान में किसी प्रांत के अलग होने का कोई प्रावधान नहीं है। 1995 में क्यूबेक के बेहद करीबी जनमत संग्रह के बाद 1998 में कनाडा के सुप्रीम कोर्ट ने ‘सेसेशन रेफरेंस’ में अपनी राय दी। कोर्ट ने कहा कि किसी प्रांत को एकतरफा अलग होने का अधिकार नहीं है, लेकिन अगर साफ सवाल पर साफ बहुमत अलगाव के पक्ष में वोट दे तो बाकी कनाडा बातचीत के लिए बाध्य होगा। कोई भी समझौता फिर संविधान संशोधन से ही लागू हो सकेगा।

संसद ने 2000 में इन बातों को क्लैरिटी एक्ट में लिखा। इसके तहत हाउस ऑफ कॉमन्स वोट से पहले और बाद में तय करता है कि सवाल और बहुमत बातचीत शुरू करने लायक साफ हैं या नहीं।

अलग होने पर कनाडा के तीन वोट

क्यूबेक 1980क्यूबेक 1995अल्बर्टा 2026
सवाल क्या था
संप्रभुता-साझेदारी पर बातचीत का जनादेश
साझेदारी की पेशकश के साथ संप्रभुता
साथ रहें, या बाध्यकारी वोट की प्रक्रिया शुरू करें
साथ रहने के पक्ष में
59.56%
50.58%
करीब 76% (शुरुआती नतीजे)
बाध्यकारी?
नहीं
नहीं
नहीं

आगे क्या?

जल्द कोई और जनमत संग्रह होने की संभावना कम है। स्मिथ कह चुकी हैं कि 50% से एक वोट ज़्यादा का साधारण बहुमत फैसला करेगा और उनकी सरकार के कार्यकाल में अलगाव पर दूसरा वोट नहीं होगा।

अलगाववादी आंदोलन का कहना है कि वह खत्म नहीं हुआ। अल्बर्टा प्रॉस्पेरिटी प्रोजेक्ट के सह-संस्थापक जेफ्री राथ ने कहा, “हमारा आंदोलन कहीं नहीं जा रहा।” वे यूसीपी की विशेष बैठक बुलाने की कोशिश में हैं, ताकि तय हो कि स्मिथ को पार्टी का भरोसा हासिल है या नहीं। विपक्षी एनडीपी नेता नहीद नेंशी ने उलटा सुर रखा: “हमने कनाडा बचा लिया। अब अल्बर्टा बचाएंगे।”

असली राजनीतिक परीक्षा शायद बाकी नौ सवाल हों। अगर अल्बर्टा के लोग आप्रवासन और संघीय योजनाओं पर ज़्यादा प्रांतीय नियंत्रण के पक्ष में वोट देते हैं, तो स्मिथ इन नतीजों को जनादेश बताकर ओटावा ले जाएंगी, और अलगाव का सवाल सुलझने के बाद भी कार्नी सरकार के साथ खींचतान का नया दौर शुरू हो सकता है।