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अर्थव्यवस्थाकर

अक्टूबर में जीएसटी संग्रह 22.9% उछलकर ₹2.31 लाख करोड़, आयात से वसूली 42% बढ़ी

त्योहारी खर्च और आयातित सामान पर टैक्स में तेज़ बढ़त से अक्टूबर का सकल जीएसटी ₹2,31,290 करोड़ पहुंचा। रिफंड के बाद शुद्ध राजस्व एक चौथाई से ज़्यादा बढ़ा।

संपादकीय डेस्क से · नई दिल्लीप्रकाशित
गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर कंटेनर क्रेन (फ़ाइल फ़ोटो)
गुजरात के मुंद्रा बंदरगाह पर कंटेनर क्रेन (फ़ाइल फ़ोटो)Photo: Vijay8808 / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

मुख्य बातें

  1. अक्टूबर में सकल जीएसटी 22.9% बढ़कर ₹2,31,290 करोड़ रहा, जो एक साल पहले ₹1,88,125 करोड़ था।
  2. आयात पर जीएसटी 42.2% बढ़कर ₹72,246 करोड़ पहुंचा, जबकि घरेलू राजस्व 15.8% बढ़ा।
  3. रिफंड के बाद शुद्ध राजस्व 25.6% बढ़कर ₹2,03,356 करोड़ रहा।

सरकार ने अक्टूबर में ₹2,31,290 करोड़ का सकल जीएसटी जुटाया, जो पिछले साल इसी महीने से 22.9% ज़्यादा है। वित्त मंत्रालय ने रविवार को ये अस्थायी आंकड़े जारी किए। अक्टूबर 2025 के ₹1,88,125 करोड़ से हुए इस उछाल में दशहरा व दिवाली की त्योहारी खरीदारी का असर टैक्स वसूली में दिखा है।

सबसे बड़ा योगदान देश में आने वाले सामान का रहा। आयात पर जीएसटी 42.2% बढ़कर ₹72,246 करोड़ पहुंच गया, जो एक साल पहले ₹50,796 करोड़ था। घरेलू लेनदेन से राजस्व इससे धीमा लेकिन फिर भी अच्छी रफ़्तार से, 15.8% बढ़कर ₹1,59,044 करोड़ रहा।

पैसा कहां से आया

सकल राशि में केंद्रीय जीएसटी (सीजीएसटी) से ₹42,935 करोड़ और राज्य जीएसटी (एसजीएसटी) से ₹51,340 करोड़ आए, जो एक साल पहले ₹36,547 करोड़ और ₹45,134 करोड़ थे। राज्यों के बीच आवाजाही और आयात पर लगने वाला एकीकृत जीएसटी (आईजीएसटी) ₹1,37,015 करोड़ रहा, जिसमें ₹64,769 करोड़ घरेलू कारोबार से आए।

कारोबारियों को रिफंड मामूली 6.5% बढ़कर ₹27,934 करोड़ रहे। इसके बाद शुद्ध जीएसटी राजस्व 25.6% बढ़कर ₹2,03,356 करोड़ रहा, जो पिछले अक्टूबर में ₹1,61,900 करोड़ था। शुद्ध आधार पर सीमा शुल्क से जुड़ा जीएसटी 56.2% बढ़कर ₹58,319 करोड़ और घरेलू शुद्ध राजस्व 16.4% बढ़ा।

अक्टूबर 2026 में घरेलू जीएसटी राजस्व, शीर्ष राज्य (₹ करोड़)
अक्टूबर 2026 में घरेलू जीएसटी राजस्व, शीर्ष राज्य (₹ करोड़)
मदमान
महाराष्ट्र₹35,150 करोड़
कर्नाटक₹15,922 करोड़
गुजरात₹13,516 करोड़
हरियाणा₹11,529 करोड़

राज्यों का हाल

महाराष्ट्र ₹35,150 करोड़ के साथ 13% बढ़त लेकर बाकी राज्यों से बहुत आगे रहा। कर्नाटक ने ₹15,922 करोड़ (18% बढ़त), गुजरात ने ₹13,516 करोड़ (16% बढ़त) और हरियाणा ने ₹11,529 करोड़ (17% बढ़त) जुटाए। उत्तर प्रदेश और बिहार में 24-24% की बढ़त रही। जिन राज्यों के आंकड़े सामने आए, उनमें सबसे तेज़ उछाल असम में दिखा, जहां संग्रह 47% बढ़कर ₹1,934 करोड़ पहुंचा।

अब तक का साल

अक्टूबर की इस तेज़ी से चालू वित्त वर्ष का कुल आंकड़ा भी ऊपर गया। अप्रैल से अक्टूबर तक सकल संग्रह 13.2% बढ़कर ₹14,77,569 करोड़ पहुंचा, जो 2025-26 के इन्हीं सात महीनों में ₹13,05,213 करोड़ था। इस अवधि में शुद्ध राजस्व 12.6% बढ़कर ₹12,69,486 करोड़ रहा।

यह मज़बूत महीना केंद्र और राज्यों, दोनों के लिए राहत की खबर है, क्योंकि वे साल की दूसरी छमाही का खर्च तय कर रहे हैं। नवंबर के आंकड़े 1 दिसंबर को आने हैं।