अर्थव्यवस्थाकंपनियां
महिंद्रा ने अक्टूबर में देश में रिकॉर्ड 73,338 एसयूवी बेचीं, ट्रैक्टर बिक्री 13% घटी
महिंद्रा एंड महिंद्रा के लिए एसयूवी और कुल वाहन बिक्री, दोनों में यह अब तक का सबसे अच्छा महीना रहा, लेकिन दिवाली देर से आने के कारण ट्रैक्टरों की खरीद कमजोर रही।

मुख्य बातें
- महिंद्रा ने अक्टूबर में देश में 73,338 एसयूवी बेचीं, जो किसी भी महीने में सबसे ज़्यादा है।
- निर्यात समेत कुल वाहन बिक्री 9% बढ़कर 1,31,109 यूनिट रही।
- घरेलू ट्रैक्टर बिक्री 13% घटकर 62,626 रह गई, कंपनी ने इसकी वजह नवंबर में दिवाली को बताया।
महिंद्रा एंड महिंद्रा ने अक्टूबर में देश में 73,338 एसयूवी बेचीं, जो किसी एक महीने में उसकी अब तक की सबसे बड़ी बिक्री है। त्योहारी मांग के चलते स्कॉर्पियो, थार और एक्सयूवी के शोरूम में भीड़ रही। यह आंकड़ा पिछले साल के 71,624 से 2% ज़्यादा है।
निर्यात जोड़कर कंपनी की यूटिलिटी वाहन बिक्री 74,904 रही। कारों, पिकअप और ट्रकों समेत सभी वाहनों को मिलाकर महिंद्रा ने 1,31,109 यूनिट बेचीं, जो 9% ज़्यादा है। यह भी एक मासिक रिकॉर्ड है।
कंपनी के ऑटोमोटिव कारोबार के प्रेसिडेंट वेलुसामी आर ने कहा, “अक्टूबर हमारे लिए एक ऐतिहासिक महीना रहा।” उन्होंने कहा कि एसयूवी और कुल बिक्री, दोनों “किसी महीने में हमारा अब तक का सबसे ऊंचा आंकड़ा” हैं।
छोटे वाणिज्यिक वाहनों का प्रदर्शन भी अच्छा रहा। पिकअप और हल्के मालवाहक वाहनों की घरेलू बिक्री 4% बढ़कर 33,037 रही और ऑटोमोटिव निर्यात 77% उछलकर 4,015 से 7,102 वाहन हो गया। भारी ट्रकों और बसों की बिक्री 40% बढ़कर 2,838 यूनिट रही। ट्रक और बस कारोबार देखने वाले विनोद सहाय ने कहा कि आगे को लेकर भरोसा है, लेकिन कच्चे माल और लागत में बढ़ोतरी पर नज़र रखनी होगी।
कमजोर कड़ी खेती रही। घरेलू ट्रैक्टर बिक्री 13% घटकर पिछले साल के 72,071 से 62,626 रह गई। महिंद्रा ने इसके लिए कैलेंडर को ज़िम्मेदार ठहराया: कई किसान दिवाली पर खरीदारी करते हैं, जो इस साल नवंबर में है, जबकि पिछले साल अक्टूबर में थी। ट्रैक्टर निर्यात 40% बढ़कर 2,220 रहा, जिससे कुल ट्रैक्टर बिक्री 64,846 हुई।
रविवार को कई कार कंपनियों ने रिकॉर्ड के दावे किए। हुंडई मोटर इंडिया ने सुबह ही अपना अब तक का सबसे अच्छा महीना बताया। जेफरीज के विश्लेषकों ने त्योहार देर से आने के कारण कारों और दोपहिया वाहनों के लिए अक्टूबर को नरम रहने का अनुमान लगाया था, जबकि ट्रकों का पंजीकरण पिछले साल से काफी आगे चल रहा था। मारुति सुज़ुकी और टाटा मोटर्स के आंकड़े अभी आने बाकी हैं।