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राज्यदिल्ली

दिल्ली में सर्दियों की पाबंदियां शुरू: बाहर के बीएस-IV वाहनों पर रोक, दफ्तर आधी हाजिरी पर

रविवार से दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड पुराने डीजल-पेट्रोल वाहन शहर में नहीं आ सकेंगे, धूल वाला निर्माण बंद रहेगा और पार्किंग दोगुनी महंगी होगी। ये उपाय अगले साल की शुरुआत तक लागू रहेंगे।

संपादकीय डेस्क से · नई दिल्लीप्रकाशित
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (फ़ाइल फ़ोटो)
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता (फ़ाइल फ़ोटो)Photo: Office of Chief Minister Delhi / Wikimedia Commons, CC0

मुख्य बातें

  1. दिल्ली के बाहर के बीएस-IV या उससे पुराने वाहनों पर 31 जनवरी तक रोक है।
  2. सरकारी और निजी दफ्तरों में 50% शारीरिक उपस्थिति की सीमा है, आवश्यक सेवाओं को छूट है।
  3. अधिकृत पार्किंग की फीस 28 फरवरी तक दोगुनी रहेगी, डीएमआरसी की पार्किंग को छोड़कर।

दिल्ली में सर्दियों के लिए प्रदूषण पाबंदियां आधी रात से लागू हो गई हैं और अगले तीन महीने शहर की रफ्तार कुछ बदली हुई दिखेगी। दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड जो वाहन बीएस-IV या उससे पुराने उत्सर्जन मानक के हैं, वे अब राजधानी में नहीं चल सकेंगे। यह रोक 31 जनवरी तक रहेगी।

दिल्ली सरकार के पर्यावरण विभाग ने शनिवार देर शाम यह पैकेज घोषित किया और कहा कि इसका मकसद “प्रदूषण से सीधे उसके स्रोत पर निपटना” है। सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों के साथ एंबुलेंस, दमकल और पुलिस वाहनों को छूट दी गई है।

दफ्तर, निर्माण स्थल और पार्किंग

सरकारी और निजी दफ्तरों से 31 जनवरी तक 50% शारीरिक उपस्थिति रखने को कहा गया है, आवश्यक सेवाएं इस सीमा से बाहर हैं। भीड़ बांटने के लिए दफ्तरों का समय भी अलग किया गया है: नगर निगम के दफ्तर सुबह 8:30 बजे से शाम 5 बजे तक और दिल्ली सरकार के दफ्तर सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक खुलेंगे।

धूल उड़ाने वाले तोड़फोड़ और बाहरी निर्माण कार्य पर 31 जनवरी तक रोक है। जरूरी सार्वजनिक ढांचे को छूट है, और भीतर का फिनिशिंग, प्लंबिंग और बिजली का काम धूल नियंत्रण के साथ चल सकता है। 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक निर्माण और तोड़फोड़ पर अलग से पूरी रोक की योजना है।

पार्किंग भी महंगी होगी। अधिकृत पार्किंग की फीस 1 नवंबर से 28 फरवरी तक दोगुनी रहेगी, लेकिन दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन की पार्किंग पुरानी दरों पर ही रहेगी, ताकि लोग मेट्रो की ओर जाएं।

कैमरे और चालान

परिवहन विभाग, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति और नगर निगम इन नियमों को लागू करेंगे। नंबर प्लेट पहचानने वाले कैमरे और एआई से लैस इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर वाहनों पर नजर रखेंगे। रोक तोड़ने वाले वाहनों का अपने आप ई-चालान कटेगा और उन्हें जब्त भी किया जा सकता है। आदेश न मानने वाले निर्माण स्थलों को काम रोकने का नोटिस, पर्यावरण क्षतिपूर्ति और सील किए जाने का सामना करना पड़ सकता है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लोगों से सहयोग मांगा। उन्होंने कहा, “दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड प्रतिबंधित वाहन शहर में न लाएं।” उन्होंने लोगों से “निजी वाहनों का गैरजरूरी इस्तेमाल घटाने और सार्वजनिक परिवहन और कारपूलिंग को प्राथमिकता देने” की अपील की।