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मोदी ने अक्षय ऊर्जा सम्मेलन का उद्घाटन किया, बोले 44,000 सरकारी इमारतें अब सौर ऊर्जा से जुड़ीं
भारत मंडपम में भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि इससे सालाना करीब ₹700 करोड़ बचते हैं और हर सरकारी इमारत को सौर ऊर्जा से जोड़ा जाएगा।

मुख्य बातें
- मोदी ने कहा कि 44,000 से ज़्यादा सरकारी इमारतें अब सौर ऊर्जा से जुड़ी हैं।
- उनके मुताबिक इससे सालाना करीब ₹700 करोड़ की बचत होती है।
- पीएम-कुसुम के तहत 30 लाख से ज़्यादा किसान सौर पंप से सिंचाई कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो का उद्घाटन किया और अपने भाषण में बताया कि सरकारी दफ़्तरों, खेतों और घरों तक सौर ऊर्जा कितनी पहुंची है।
मोदी ने कहा, “देश भर में 44,000 से ज़्यादा सरकारी इमारतें अब सौर ऊर्जा से जुड़ चुकी हैं।” उन्होंने कहा कि इससे सालाना करीब ₹700 करोड़ बचते हैं, और सरकार हर सरकारी इमारत, स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को सौर ऊर्जा से जोड़ने की योजना पर काम कर रही है।
खेत और छतें
मोदी ने खेती को दूसरी बड़ी उपलब्धि बताया। पीएम-कुसुम योजना के तहत 30 लाख से ज़्यादा किसान अब सौर ऊर्जा से सिंचाई कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “अनुमान है कि सौर पंप इस्तेमाल करके हर किसान सालाना करीब 1 लाख रुपये बचा सकता है।”
घरों के बारे में उन्होंने कहा कि फ़रवरी 2024 में शुरू हुई पीएम सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना से पिछले 24-25 महीनों में 65 लाख से ज़्यादा परिवार जुड़े हैं। योजना का लक्ष्य एक करोड़ घरों की छतों पर सौर पैनल लगाना है।
उन्होंने भारत के जलवायु वादे का भी ज़िक्र किया। मोदी ने कहा, “भारत की स्थापित बिजली क्षमता का 50 प्रतिशत से ज़्यादा हिस्सा गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों से आता है।” देश ने यह लक्ष्य पेरिस समझौते की समयसीमा से पांच साल पहले, 2025 में हासिल कर लिया था।
नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की ओर से आयोजित यह सम्मेलन 5 नवंबर तक चलेगा।