नीतिऊर्जा
प्रधानमंत्री मोदी आज भारत मंडपम में चार दिन के अक्षय ऊर्जा शिखर सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे
पहले भारत अक्षय ऊर्जा शिखर सम्मेलन और एक्सपो में 130 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि, अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन की सभा और ग्रीन हाइड्रोजन पर एक सम्मेलन एक साथ होंगे।

मुख्य बातें
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को भारत मंडपम में ब्रीज 2026 का उद्घाटन करेंगे।
- सम्मेलन 2 से 5 नवंबर तक चलेगा, जिसमें 130 से ज्यादा देशों के प्रतिभागी आएंगे।
- मंत्रालय के मुताबिक 2027 से 2030 के बीच करीब 220 अरब डॉलर के स्वच्छ ऊर्जा निवेश की जरूरत है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को नई दिल्ली के भारत मंडपम में भारत अक्षय ऊर्जा शिखर सम्मेलन और एक्सपो का उद्घाटन करेंगे। चार दिन का यह पहला आयोजन है, जिससे सरकार को स्वच्छ ऊर्जा के लिए निवेश जुटाने की उम्मीद है।
ब्रीज 2026 नाम का यह सम्मेलन 2 से 5 नवंबर तक चलेगा। इसका आयोजन नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय कर रहा है और इसकी थीम है “Invest. Innovate. Inspire.” इसमें 130 से ज्यादा देशों के नीति निर्माता, निवेशक, निर्माता और शोधकर्ता आने की उम्मीद है।
पहली बार तीन आयोजन एक ही मंच पर होंगे: खुद ब्रीज, अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन की सभा का नौवां सत्र, जिसके लिए 128 देशों को न्योता भेजा गया, और ग्रीन हाइड्रोजन पर चौथा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन। ऑस्ट्रेलिया, डेनमार्क, यूरोपीय संघ, फ्रांस, जर्मनी, नीदरलैंड, नॉर्वे, स्वीडन और ब्रिटेन साझेदार देश हैं। आंध्र प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और उत्तर प्रदेश समेत 13 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपनी परियोजनाओं के लिए निवेश मांगेंगे। प्रदर्शनी में 400 से ज्यादा कंपनियां, स्टार्टअप और शोध संस्थान हिस्सा ले रहे हैं।
पैसे का सवाल
भारत में करीब 308 गीगावाट गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता स्थापित है और 2030 तक 500 गीगावाट का लक्ष्य है। मंत्रालय के सचिव संतोष कुमार सारंगी कह चुके हैं कि इस लक्ष्य तक पहुंचने के लिए 2027 से 2030 के बीच करीब 220 अरब डॉलर का निवेश चाहिए, साथ ही मजबूत ट्रांसमिशन लाइनें, ज्यादा ऊर्जा भंडारण और ज्यादा घरेलू निर्माण भी।
चार दिनों के सत्रों में वित्त, बैटरी भंडारण, ग्रीन हाइड्रोजन और निर्माण पर चर्चा होगी, साथ ही मंत्रिस्तरीय बैठकें और सीईओ गोलमेज भी होंगी।