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श्री लोटस डेवलपर्स के प्रमोटर आनंद पंडित की 5.89% हिस्सेदारी बिक्री 240 रुपये फ्लोर प्राइस पर शुरू

ऑफर फॉर सेल मंगलवार को संस्थागत निवेशकों के लिए खुला और बुधवार को खुदरा निवेशकों के लिए खुलेगा। सेबी ने पिछली बिक्री के बाद 12 हफ्ते के अनिवार्य अंतर से छूट दी है।

संपादकीय डेस्क से · मुंबईप्रकाशित
श्री लोटस डेवलपर्स के प्रमोटर आनंद पंडित (फ़ाइल फ़ोटो)
श्री लोटस डेवलपर्स के प्रमोटर आनंद पंडित (फ़ाइल फ़ोटो)Photo: DollyBNB / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

मुख्य बातें

  1. प्रमोटर आनंद पंडित ऑफर फॉर सेल से श्री लोटस डेवलपर्स की 5.89% तक हिस्सेदारी बेच रहे हैं।
  2. फ्लोर प्राइस ₹240 प्रति शेयर है, खुदरा निवेशकों के लिए बोली 4 नवंबर को खुलेगी।
  3. सितंबर की 2% बिक्री के बाद सेबी ने 12 हफ्ते की कूलिंग-ऑफ अवधि से छूट दी।

श्री लोटस डेवलपर्स एंड रियल्टी के प्रमोटर आनंद पंडित ने मंगलवार को ऑफर फॉर सेल के ज़रिये अपनी हिस्सेदारी का एक हिस्सा बेचना शुरू किया। इसमें मुंबई की इस रियल एस्टेट कंपनी की 5.89% तक हिस्सेदारी बिक्री के लिए रखी गई है।

बिक्री आज सुबह बाज़ार खुलते ही गैर-खुदरा निवेशकों के लिए ₹240 प्रति शेयर के फ्लोर प्राइस पर खुली। खुदरा निवेशक बुधवार, 4 नवंबर को बोली लगा सकेंगे। उसी दिन पहले दिन शेयर न पाने वाले संस्थागत निवेशक अपनी बची बोलियां आगे ले जा सकेंगे।

बेस ऑफर 2,37,95,818 शेयरों का है। मांग ज़्यादा रही तो पंडित ग्रीनशू विकल्प से 50 लाख और शेयर बेच सकते हैं, जिससे ऑफर 2,87,95,818 शेयरों का हो जाएगा। फ्लोर प्राइस पर बेस ऑफर करीब ₹571 करोड़ का और पूरा ग्रीनशू इस्तेमाल होने पर करीब ₹691 करोड़ का बैठता है।

मुंबई में बीएसई की इमारत (फ़ाइल फ़ोटो)
बीएसई की इमारत फ़िरोज़ जीजीभॉय टावर्स, जहां श्री लोटस के ऑफर फॉर सेल में बोलियां लग रही हैं।AroundTheGlobe / Wikimedia

यह बिक्री कंपनी को सेबी के न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता नियमों के अनुरूप लाने के लिए है, जिनके तहत सूचीबद्ध कंपनियों के प्रमोटरों को समय के साथ अपनी हिस्सेदारी घटानी होती है।

यह कुछ ही हफ्ते पहले हुई एक छोटी बिक्री के बाद आई है। 10 सितंबर को पंडित ने खुले बाज़ार में कंपनी की 2% हिस्सेदारी, यानी 97,70,000 शेयर बेचे थे। सेबी के नियमों के तहत प्रमोटर को ऐसी दो बिक्रियों के बीच आम तौर पर 12 हफ्ते रुकना होता है, पर कंपनी को नियामक से कूलिंग-ऑफ अवधि से छूट मिल गई, जिससे यह ऑफर अभी आ सका।

भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड का मुख्यालय सेबी भवन (फ़ाइल फ़ोटो)
मुंबई में सेबी का मुख्यालय। नियामक ने प्रमोटर की दो बिक्रियों के बीच 12 हफ्ते के अंतर से छूट दी।Jimmy vikas / Wikimedia

ऑफर का कम से कम 25% म्यूचुअल फंड और बीमा कंपनियों के लिए आरक्षित है, और 10% खुदरा निवेशकों के लिए, जो कट-ऑफ प्राइस पर बोली लगा सकते हैं। सौदों का निपटान एक-एक कर होगा और 100% मार्जिन पहले देना होगा। फ्लोर प्राइस या उससे ऊपर पर्याप्त मांग न होने पर विक्रेता ऑफर वापस ले सकता है।