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नीतिव्यापार

जितिन प्रसाद ने वारसॉ में पोलैंड की रक्षा, अंतरिक्ष और आईटी कंपनियों के प्रमुखों से मुलाकात की

वाणिज्य राज्य मंत्री ने डब्ल्यूबी ग्रुप, क्रियोटेक इंस्ट्रूमेंट्स, बिलेनियम और बोरिशेव से ड्रोन, उपग्रह, क्लाउड सेवाओं और भारत में निवेश पर बात की।

संपादकीय डेस्क से · वारसॉप्रकाशित
गांधी न्यूज़ ग्राफ़िक: वारसॉ में प्रसाद ने पोलिश उद्योग से की बात
गांधी न्यूज़ ग्राफ़िक: वारसॉ में प्रसाद ने पोलिश उद्योग से की बातGraphic: Gandhi News

मुख्य बातें

  1. जितिन प्रसाद ने वारसॉ में पोलैंड की चार कंपनियों से बातचीत की।
  2. रक्षा कंपनी डब्ल्यूबी ग्रुप के साथ मानवरहित हवाई प्रणालियों और रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स पर चर्चा हुई।
  3. क्रियोटेक इंस्ट्रूमेंट्स के साथ माइक्रो-उपग्रहों और संयुक्त शोध की संभावनाएं तलाशी गईं।

वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने वारसॉ में पोलैंड के उद्योग जगत के प्रमुखों से कई बैठकें कीं, ताकि रक्षा तकनीक, अंतरिक्ष, आईटी, विनिर्माण और उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स में दोनों देशों का सहयोग बढ़ाया जा सके। उन्होंने बुधवार को एक्स पर इन बैठकों की जानकारी दी।

पहली बैठक पोलैंड के रक्षा और तकनीकी समूह डब्ल्यूबी ग्रुप के अध्यक्ष पियोत्र वोयचेखोव्स्की से हुई। इसमें अगली पीढ़ी के रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स, मानवरहित हवाई प्रणालियों, उन्नत संचार, स्वायत्त प्रणालियों और टैक्टिकल इलेक्ट्रॉनिक्स पर चर्चा हुई।

आईटी और क्लाउड सेवा कंपनी बिलेनियम के सीईओ गावेल वोपिंस्की से, जिनकी कंपनी पुणे में भी मौजूद है, प्रसाद ने निवेश, डिजिटल प्रतिभा, क्लाउड ट्रांसफॉर्मेशन और आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस पर बात की।

अंतरिक्ष तकनीक कंपनी क्रियोटेक इंस्ट्रूमेंट्स में उनकी मुलाकात सह-संस्थापक ग्रेगोर्ज़ ब्रोना और डिप्टी सीईओ ग्रेगोर्ज़ व्रोख्ना से हुई। बातचीत में माइक्रो-उपग्रह, अंतरिक्ष हार्डवेयर और क्वांटम तकनीक के साथ संयुक्त शोध और विकास की संभावनाएं शामिल रहीं।

भारतीय दूतावास में उन्होंने बोरिशेव ग्रुप के बोर्ड सदस्य और माफ़्लो एवं बीएपी ग्रुप के सीईओ एडम होलेवा से मुलाकात की। इसमें मेक इन इंडिया और उत्पादन से जुड़ी प्रोत्साहन (पीएलआई) योजनाओं के तहत तकनीकी सहयोग, संयुक्त उद्यम और भारत में निवेश पर चर्चा हुई, ख़ास ज़ोर आपूर्ति शृंखलाओं पर रहा।

यह दौरा पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क की 22 अक्टूबर को नई दिल्ली में नरेंद्र मोदी से हुई बातचीत के बाद हो रहा है, जब दोनों नेताओं ने रक्षा, अंतरिक्ष और परमाणु ऊर्जा में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई थी।