राज्यमध्य प्रदेश
देवास में इंस्पेक्टर की मौत का आरोपी पैर में गोली लगने से घायल, पुलिस बोली हिरासत से भागने की कोशिश की
शराब जांच के दौरान इंस्पेक्टर दिलीप पुरी को कुचलने का आरोपी ट्रक चालक गजेंद्र उर्फ अक्कू रावत अस्पताल में है। अलीराजपुर से लाते समय पुलिस ने गोली चलाई।

मुख्य बातें
- इंस्पेक्टर दिलीप पुरी की मौत के मुख्य आरोपी को पुलिस हिरासत में दाहिने पैर में गोली लगी।
- पुलिस के मुताबिक अलीराजपुर से लाते समय उसने भागने और अफसरों पर हमले की कोशिश की।
- पुरी को जिस ट्रक ने कुचला, उसमें 1,800 लीटर से ज्यादा शराब थी।
मध्य प्रदेश में शराब से लदे ट्रक से कुचलकर मारे गए पुलिस इंस्पेक्टर की मौत के मुख्य आरोपी को पुलिस हिरासत में पैर में गोली लगी है। देवास पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी।
ट्रक चालक गजेंद्र उर्फ अक्कू रावत को देवास पुलिस की टीम अलीराजपुर जिले से ला रही थी। पुलिस के मुताबिक बरोठा थाना क्षेत्र में उसने भागने और अफसरों पर हमला करने की कोशिश की। पुलिस का कहना है कि उसने आत्मरक्षा में गोली चलाई।
देवास के पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने कहा, “पुलिस ने आत्मरक्षा में कार्रवाई की।” उन्होंने बताया कि इसी में आरोपी के दाहिने पैर में चोट आई।
रावत को देवास के जिला अस्पताल ले जाकर गहन चिकित्सा इकाई में भर्ती किया गया। महात्मा गांधी जिला अस्पताल के रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर डॉ. अजय पटेल ने कहा, “उसके पैर में गोली का घाव था।” बाद में उसे बड़े अस्पताल रेफर कर दिया गया।
खातेगांव थाने में तैनात इंस्पेक्टर दिलीप पुरी 1 और 2 नवंबर की दरम्यानी रात अवैध शराब की खेप की सूचना पर एक टीम की अगुवाई कर रहे थे। पुलिस के अनुसार हरदा-नेमावर हाईवे पर ट्रक को रुकने का इशारा किया गया तो उसने रफ्तार बढ़ा दी और उसका पिछला पहिया पुरी के ऊपर से गुजर गया।
बाद में ट्रक जब्त किया गया और उससे 1,800 लीटर से ज्यादा शराब बरामद हुई। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गहन जांच और सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए, और कई जिलों में पुलिस टीमों ने संदिग्धों की तलाश शुरू की।
पुलिस ने अभी यह नहीं बताया है कि इस मामले में किसी और की गिरफ्तारी हुई है या नहीं।