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अदालतसुप्रीम कोर्ट

राम मंदिर ट्रस्ट के चढ़ावे पर याचिकाओं की आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अगुवाई वाली पीठ उन याचिकाओं पर सुनवाई करेगी, जिनमें श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वित्त की अदालत की निगरानी में जांच और फोरेंसिक ऑडिट की मांग की गई है।

संपादकीय डेस्क से · नई दिल्लीप्रकाशित
अयोध्या का राम मंदिर (फाइल फोटो) (फ़ाइल फ़ोटो)
अयोध्या का राम मंदिर (फाइल फोटो) (फ़ाइल फ़ोटो)Photo: Narendra Modi / Wikimedia Commons, CC BY 3.0

मुख्य बातें

  1. सुप्रीम कोर्ट सोमवार को राम मंदिर ट्रस्ट के वित्त पर चार याचिकाओं पर सुनवाई करेगा।
  2. उत्तर प्रदेश सरकार ने सितंबर में बताया था कि सीसीटीवी फुटेज में चढ़ावे की चोरी की 105 घटनाएं मिलीं।
  3. अदालत पहले ही एसआईटी में एक फोरेंसिक ऑडिटर जोड़ने का आदेश दे चुकी है।

सुप्रीम कोर्ट सोमवार को उन याचिकाओं पर सुनवाई करेगा, जिनमें अयोध्या के राम मंदिर का संचालन करने वाले श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को मिले दान और चढ़ावे के प्रबंधन में वित्तीय गड़बड़ियों का आरोप लगाया गया है।

मामले मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ के सामने सूचीबद्ध हैं। याचिकाकर्ता अदालत की निगरानी में जांच, दान से जुड़े सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रखने, चढ़ावे के हिसाब में ज़्यादा पारदर्शिता और ट्रस्ट के वित्त का पूरा फोरेंसिक ऑडिट चाहते हैं।

कुल चार याचिकाएं हैं। अधिवक्ता नरेंद्र कुमार गोस्वामी ने रिट याचिका दायर की है, अजय कुमार राय अपनी आपराधिक रिट याचिका पर खुद बहस कर रहे हैं, और राष्ट्रीय जनता दल के सांसद सुधाकर सिंह व हिंदू धर्म परिषद ने अलग-अलग याचिकाएं दी हैं।

राज्य सरकार ने अदालत को क्या बताया

21 सितंबर को पिछली सुनवाई में उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा था कि विशेष जांच दल (एसआईटी) ने जांच लगभग पूरी कर ली है और दो दिन में आरोप पत्र दाखिल करेगा। केंद्र और राज्य की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया था कि स्थिति रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में सौंप दी गई है और आरोप पत्र की समय सीमा 25 सितंबर को खत्म हो गई। आरोप पत्र दाखिल हुआ या नहीं, यह सार्वजनिक नहीं है।

स्थिति रिपोर्ट के अनुसार सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण में मंदिर में चढ़ावे की चोरी की 105 घटनाएं सामने आईं। रिपोर्ट में कहा गया कि कीमती चढ़ावे की रसीदें सॉफ्टवेयर से बनाई जाती थीं और कीमती सामान भारतीय स्टेट बैंक के लॉकरों में रखा गया था। पीठ ने संबंधित सत्र न्यायाधीश को कानून के मुताबिक आदेश पारित करने की छूट दी थी।

नई एसआईटी

अदालत ने पहले उत्तर प्रदेश को एसआईटी का पुनर्गठन करने को कहा था। अब इसकी कमान पुलिस महानिरीक्षक किरण एस. के पास है, और अयोध्या के डीआईजी सोमेन वर्मा और एसएसपी गौरव ग्रोवर इसके सदस्य हैं। मामला ट्रस्ट के पैसे के कथित दुरुपयोग का है, इसलिए अदालत ने दर्ज किया कि सॉलिसिटर जनरल एक फोरेंसिक ऑडिटर को भी एसआईटी का सदस्य बनाने पर सहमत हो गए हैं।

उस आदेश के बाद सोमवार को पहली सुनवाई होगी।