राज्यआंध्र प्रदेश
आंध्र प्रदेश में आज मंडल और जिला परिषद चुनाव, दो दिन की देरी से हो रहा मतदान
एमपीटीसी और जेडपीटीसी चुनाव में करीब 2.61 करोड़ ग्रामीण मतदाता सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक वोट डाल सकेंगे। मतदान पहले 3 नवंबर को होना था। मतगणना शनिवार को होगी।

मुख्य बातें
- मंडल और जिला परिषद सीटों के लिए मतदान गुरुवार को सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक होगा।
- 659 जेडपीटीसी और 9,829 एमपीटीसी क्षेत्र चुनाव के लिए सूचीबद्ध थे।
- मतगणना शनिवार, 7 नवंबर को होगी, ज़रूरत पड़ने पर शुक्रवार को दोबारा मतदान।
ग्रामीण आंध्र प्रदेश गुरुवार को मंडल और जिला परिषदों के सदस्य चुनने के लिए वोट डाल रहा है, पहले तय तारीख से दो दिन बाद। मंडल परिषद प्रादेशिक क्षेत्र (एमपीटीसी) और जिला परिषद प्रादेशिक क्षेत्र (जेडपीटीसी) चुनाव में मतदान सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगा।
राज्य निर्वाचन आयुक्त अनिल चंद्र पुनेठा ने 19 अक्टूबर को विजयवाड़ा में कार्यक्रम घोषित किया था। तब राज्य की 663 में से 659 जेडपीटीसी सीटें और 9,858 में से 9,829 एमपीटीसी सीटें चुनाव के लिए सूचीबद्ध थीं। करीब 2.61 करोड़ मतदाता वोट डालने के पात्र हैं और आयोग ने 35,333 मतदान केंद्र बनाए हैं। इनमें 9,966 को संवेदनशील और 9,186 को अति संवेदनशील माना गया है, और मंडल व जिला स्तर पर वेबकास्टिंग की व्यवस्था है। 27 अक्टूबर को निर्वाचन अधिकारियों ने कुछ सीटों पर निर्विरोध विजेता घोषित कर दिए थे।
जांच के बाद 50,815 नामांकन वैध पाए गए, इनमें 46,045 एमपीटीसी और 4,770 जेडपीटीसी सीटों के लिए थे।
तारीख क्यों बदली
मतदान पहले 3 नवंबर को होना था। 21 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद आयोग ने चार शहरी स्थानीय निकायों में उम्मीदवारों को नामांकन के लिए दो दिन और दिए, जिससे नगर निकायों की मतगणना 3 नवंबर को चली गई। एक ही दिन दो बड़े काम में पुलिस और चुनाव कर्मचारियों पर दबाव न पड़े, इसलिए ग्रामीण मतदान गुरुवार को कर दिया गया।
अल्लूरी सीताराम राजू और पोलावरम जिलों के 88 मतदान केंद्रों पर मतदान जल्दी, दोपहर 3 बजे बंद होगा। दोबारा मतदान की ज़रूरत पड़ी तो शुक्रवार को होगा, और मतगणना शनिवार, 7 नवंबर को सुबह 8 बजे शुरू होगी।

चुनाव से पहले माहौल तल्ख रहा। वाईएसआरसीपी ने कहा कि नामांकन शुरू होते ही उसके उम्मीदवारों पर हमले हुए, और पलनाडु, अनंतपुर व तिरुपति में झड़पों के बीच नामांकन बंद हुए। उधर ओडिशा में नवीन पटनायक ने बुधवार को मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को पत्र लिखकर कहा कि वे कोटिया में चुनाव कराने के आंध्र के फैसले का मुद्दा उठाएं। कोटिया सीमा पर बसे विवादित गांवों का समूह है।