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दुनियाहिंद महासागर

सोमालिया के पास नौसेना कमांडो ने अगवा मछली पकड़ने वाला जहाज़ छुड़ाया, सभी 20 क्रू सुरक्षित

आईएनएस कोलकाता के नेतृत्व में 48 घंटे की तलाश के बाद वायुसेना के सी-17 से उतारे गए मार्कोस कमांडो ने सोमालिया के उत्तर-पूर्वी तट के पास हथियारबंद समुद्री लुटेरों से अज़ीनी को वापस ले लिया।

संपादकीय डेस्क से · नई दिल्लीप्रकाशित
भारतीय नौसेना का विध्वंसक आईएनएस कोलकाता (फ़ाइल फ़ोटो)
भारतीय नौसेना का विध्वंसक आईएनएस कोलकाता (फ़ाइल फ़ोटो)Photo: U.S. Navy photo by Mass Communication Specialist Seaman Drace Wilson / Wikimedia Commons, Public domain

मुख्य बातें

  1. भारतीय नौसेना ने मछली पकड़ने वाले जहाज़ अज़ीनी को छुड़ाया और सभी 20 क्रू सदस्यों को सुरक्षित बचाया।
  2. जहाज़ को कब्ज़े में लेने के लिए मार्कोस कमांडो वायुसेना के सी-17 से उतारे गए।
  3. नौसेना ने कहा कि यह जहाज़ आगे के हमलों के लिए लुटेरों का 'मदर शिप' बन सकता था।

भारतीय नौसेना ने सोमालिया के पास हथियारबंद समुद्री लुटेरों के कब्ज़े वाले एक मछली पकड़ने वाले जहाज़ को छुड़ा लिया है। 48 घंटे चले अभियान में सभी 20 क्रू सदस्यों को बचा लिया गया, किसी की जान नहीं गई और कोई घायल नहीं हुआ।

अज़ीनी नाम के इस जहाज़ को पिछले महीने सोमालिया के उत्तर-पूर्वी तट के पास अगवा किया गया था। नौसेना के मुताबिक बचाव अभियान सोमवार शाम पूरा हुआ, जब समुद्री कमांडो जहाज़ पर चढ़े और उसे अपने कब्ज़े में ले लिया।

तलाश की अगुवाई गाइडेड मिसाइल विध्वंसक आईएनएस कोलकाता ने की। उसके साथ पी-8आई लंबी दूरी का समुद्री टोही विमान और एक सी गार्डियन ड्रोन था। लगातार निगरानी से इन्होंने अज़ीनी का पता लगाया, उस पर नज़र रखी और बिना हथियार चलाए ऐसे कदम उठाए कि वह भाग न सके।

आख़िरी कदम हवा से उठाया गया। नौसेना के कमांडो, यानी मार्कोस, जहाज़ के पास भारतीय वायुसेना के सी-17 से उतारे गए और उन्होंने जहाज़ पर नियंत्रण कर लिया।

नौसेना ने कहा कि अज़ीनी को लुटेरों का “मदर शिप” बनाया जा सकता था, यानी ऐसा अड्डा जहां से छोटी नावें समुद्र में दूर तक जाकर व्यापारिक जहाज़ों पर हमला करती हैं। सोमालियाई लुटेरे पहले भी पकड़ी गई मछली नौकाओं का इसी तरह इस्तेमाल करते रहे हैं।

भारतीय वायुसेना का सी-17 ग्लोबमास्टर III परिवहन विमान (फ़ाइल फ़ोटो)
वायुसेना का सी-17 ग्लोबमास्टर III, वह परिवहन विमान जिससे मार्कोस कमांडो उतारे गए।Colin Cooke Photo / Wikimedia

नौसेना ने इस अभियान को “भारतीय नौसेना की उच्च परिचालन तैयारी का प्रमाण” बताया और कहा कि यह हिंद महासागर क्षेत्र में “पहला मददगार और पसंदीदा सुरक्षा साझेदार” बनने की उसकी प्रतिबद्धता दिखाता है।

यह बचाव ऐसे समय हुआ है जब ईरान से जुड़े युद्ध के कारण होर्मुज़ जलडमरूमध्य के आसपास व्यापारिक जहाज़ों पर ख़तरा बना हुआ है। नौसेना ने अभी यह नहीं बताया है कि 20 क्रू सदस्यों को कब और कहां तट पर लाया जाएगा।