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बजाज फिनसर्व का मुनाफा 23% बढ़कर ₹2,758 करोड़, कर्ज़ कारोबार ने दी रफ़्तार

पुणे की वित्तीय सेवा कंपनी का सितंबर तिमाही में राजस्व 17% बढ़ा, जबकि शुद्ध ब्याज आय में करीब एक चौथाई की बढ़त हुई।

संपादकीय डेस्क से · पुणेप्रकाशित
बजाज फिनसर्व के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक संजीव बजाज (फ़ाइल फ़ोटो)
बजाज फिनसर्व के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक संजीव बजाज (फ़ाइल फ़ोटो)Photo: Sanjiv Bajaj / Wikimedia Commons, CC BY 2.0

मुख्य बातें

  1. बजाज फिनसर्व का समेकित मुनाफा सितंबर तिमाही में 22.9% बढ़कर ₹2,757.66 करोड़ रहा।
  2. परिचालन से राजस्व 16.7% बढ़कर ₹43,415.65 करोड़ हो गया।
  3. शुद्ध ब्याज आय 23.6% बढ़कर ₹13,335 करोड़ रही, जिसमें उपभोक्ता कर्ज़ कारोबार का बड़ा हाथ रहा।

बजाज फाइनेंस और समूह की बीमा कंपनियों की होल्डिंग कंपनी बजाज फिनसर्व ने मंगलवार को तिमाही मुनाफे में 22.9% की बढ़त दर्ज की। इसकी सबसे बड़ी वजह कर्ज़ देने वाली इकाई की तेज़ रफ़्तार रही।

जुलाई से सितंबर तिमाही में कर के बाद समेकित मुनाफा ₹2,757.66 करोड़ रहा, जो एक साल पहले ₹2,244.1 करोड़ था। परिचालन से राजस्व 16.7% बढ़कर ₹43,415.65 करोड़ हो गया, जबकि 2025 की इसी तिमाही में यह ₹37,214.56 करोड़ था।

शुद्ध ब्याज आय, यानी कर्ज़ पर मिलने वाले ब्याज और उधारी पर चुकाए गए ब्याज का अंतर, 23.6% बढ़कर ₹13,335 करोड़ रही। एक साल पहले यह ₹10,785 करोड़ थी।

कर्ज़ कारोबार ने उठाया बोझ

इस बढ़त का बड़ा हिस्सा देश की सबसे बड़ी उपभोक्ता कर्ज़दाता बजाज फाइनेंस से आया, जिसने 19 अक्टूबर को अपने नतीजे घोषित किए थे। उस कंपनी का मुनाफा तिमाही में 29% बढ़कर ₹6,367 करोड़ रहा था। उसने साल के लिए कर्ज़ वृद्धि का अनुमान बढ़ाया था, हालांकि चेताया था कि ब्याज दरों में और बढ़ोतरी से उसके मार्जिन पर दबाव पड़ सकता है।

भारतीय रिज़र्व बैंक ने अक्टूबर में रेपो दर 25 आधार अंक बढ़ाई थी, जिससे गैर-बैंक कर्ज़दाताओं की उधारी महंगी हुई है। बजाज फिनसर्व के नतीजे बताते हैं कि समूह ने अब तक अपनी कर्ज़ बुक इतनी तेज़ी से बढ़ाई है कि वह इस दबाव से आगे बना हुआ है।

ये नतीजे नतीजों से भरे दिन के बीच आए, जब भारतीय स्टेट बैंक, ल्यूपिन और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज भी सितंबर तिमाही के आंकड़े जारी करने वाले थे। निवेशक अब समूह के जनरल और लाइफ बीमा कारोबार के ब्योरे का इंतज़ार करेंगे, जो मंगलवार को जारी पहले आंकड़ों में नहीं दिए गए थे।