अर्थव्यवस्थावैश्विक बाज़ार
एयरलाइन और हाउसबिल्डर शेयरों के दम पर FTSE 100 बढ़त पर बंद, तेल टूटने से BP 4% फिसला
अमेरिका-ईरान समझौते की उम्मीद में ब्रेंट करीब 105 डॉलर तक गिरा तो लंदन के मिड-कैप शेयर 1.4% उछले। तेल कंपनियों पर मार पड़ी और मुनाफे की चेतावनी के बाद ईंट निर्माता इबस्टॉक धड़ाम हो गया।

मुख्य बातें
- FTSE 100 0.3% चढ़कर 10,761.33 पर बंद हुआ, जबकि FTSE 250 में 1.4% की तेज़ी रही।
- ब्रेंट के करीब 105 डॉलर तक गिरने से BP 4.4% टूटा, इसी दिन उसने कैस्ट्रॉल हिस्सेदारी की बिक्री पूरी की।
- सितंबर और अक्टूबर के कमज़ोर कारोबार के बाद मुनाफे की चेतावनी से इबस्टॉक 10% गिरा।
तेल में भारी गिरावट के बीच लंदन के शेयर बाज़ार सोमवार को बढ़त के साथ बंद हुए। ईरान युद्ध खत्म करने वाले समझौते की उम्मीद में तेल सस्ता हुआ, जिससे एयरलाइन और हाउसबिल्डर कंपनियों के शेयर चढ़े और बड़ी तेल कंपनियां नीचे आ गईं।
FTSE 100 31.55 अंक यानी 0.3% चढ़कर 10,761.33 पर बंद हुआ। मझोली कंपनियों का FTSE 250 इससे कहीं बेहतर रहा और 1.4% उछलकर 24,795.85 पर पहुंचा। पेरिस में CAC 40 1% और फ्रैंकफर्ट में DAX 0.6% चढ़ा।
माहौल तेल ने तय किया। ब्रेंट कच्चा तेल करीब 105.09 डॉलर प्रति बैरल पर था, जो शुक्रवार को 117.61 डॉलर था। वॉशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत फिर शुरू होने के संकेत मिले हैं। ईरान कह चुका है कि अगर अमेरिका सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म करने को राज़ी हो तो वह दो दिन में होर्मुज़ जलडमरूमध्य खोल सकता है।
तेल उत्पादकों के लिए यह बुरी खबर थी। BP 4.4% गिरकर 600 पेंस पर आ गया, शेल 2.9% और इथाका एनर्जी 5.9% नीचे रहे। BP ने इसी दिन अपने कैस्ट्रॉल लुब्रिकेंट कारोबार की 65% हिस्सेदारी 6 अरब डॉलर में स्टोनपीक पार्टनर्स को बेचने का सौदा पूरा किया और बाकी 35% अपने पास रखी। कैस्ट्रॉल भारत में भी जाना-पहचाना ब्रांड है और इसकी भारतीय इकाई शेयर बाज़ार में सूचीबद्ध है।
सस्ते ईंधन से एयरलाइनों को फायदा हुआ। ब्रिटिश एयरवेज़ की मालिक IAG 3.8% चढ़ी और विज़ एयर 5.2% उछला। बॉन्ड यील्ड घटने से हाउसबिल्डर कंपनियां भी चढ़ीं, विस्ट्री 8.9% और बैरट रेडरो 3.5% ऊपर रहे।
ईंट बनाने वाली इबस्टॉक दिन की सबसे बड़ी हारी रही और 10% टूट गई। कंपनी ने चेताया कि उसकी दूसरी छमाही उम्मीद से काफी कमज़ोर रहेगी। मुख्य कार्यकारी जो हडसन ने कहा कि तीसरी तिमाही में कारोबार की हालत तेज़ी से बिगड़ी और अक्टूबर में भी कमज़ोरी जारी रही।
सोना 3,968.02 डॉलर प्रति औंस पर था, जो शुक्रवार को 3,898.22 डॉलर था।
अब नज़र गुरुवार पर है, जब बैंक ऑफ इंग्लैंड से ब्याज दर चौथाई अंक बढ़ाकर 4% करने की व्यापक उम्मीद है। सोमवार को आए एक सर्वे में ब्रिटेन के कारखाने अक्टूबर में पांच महीने की सबसे तेज़ रफ्तार से बढ़ते दिखे। S&P ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस के निदेशक रॉब डॉब्सन ने कहा कि शरद बजट से पहले ब्रिटेन के मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र ने मज़बूती दिखाई।
भारतीय निवेशकों के लिए मंगलवार को दलाल स्ट्रीट खुलने पर कच्चे तेल की यह गिरावट सबसे अहम संकेत होगी।