अर्थव्यवस्थावैश्विक बाज़ार
कच्चे तेल में गिरावट तेज़, ब्रेंट 6% से ज़्यादा टूटकर 105 डॉलर के करीब, एयरलाइन शेयर उछले
अमेरिका और ईरान के युद्ध खत्म करने का कूटनीतिक रास्ता तलाशने के संकेतों से न्यूयॉर्क की सुबह तेल और फिसला, जो तेल आयातक भारत के लिए राहत की खबर है।

मुख्य बातें
- न्यूयॉर्क में दोपहर से पहले ब्रेंट 6% से ज़्यादा गिरकर करीब 105 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
- अमेरिकी कच्चा तेल 97 डॉलर से नीचे फिसला, दिन में करीब 7% की गिरावट।
- यूनाइटेड, अमेरिकन और डेल्टा के शेयर 4.7% से 6.9% तक उछले।
भारतीय समय के मुताबिक सोमवार शाम कच्चे तेल की गिरावट और तेज़ हो गई, क्योंकि ऐसे संकेत बढ़े कि अमेरिका और ईरान युद्ध खत्म करने का कूटनीतिक रास्ता तलाश रहे हैं।
वैश्विक बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड न्यूयॉर्क में दोपहर से पहले, यानी भारतीय समय के अनुसार रात करीब 9:10 बजे, 6% से ज़्यादा गिरकर करीब 105 डॉलर प्रति बैरल पर था। शाम को पहले यह करीब 108.6 डॉलर पर कारोबार कर रहा था, यानी तब तक करीब 4% नीचे था। अमेरिकी कच्चा तेल 97 डॉलर प्रति बैरल से नीचे फिसल गया, जो दिन भर में करीब 7% की गिरावट है।
विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस संघर्ष को “कूटनीतिक तरीके से” सुलझाना चाहेंगे। ऐसी खबरें भी आईं कि ईरान के सर्वोच्च नेता ने सरकार को शांति वार्ता करने का कुछ अधिकार दिया है, जिससे दाम और नीचे आए।
युद्ध से ईंधन के झटके की सबसे ज़्यादा मार झेल रही एयरलाइंस वॉल स्ट्रीट की तेज़ी में सबसे आगे रहीं। दोपहर से पहले यूनाइटेड एयरलाइंस के शेयर 6.91% चढ़े, अमेरिकन एयरलाइंस 6.07% और डेल्टा 4.67%, जबकि जेटब्लू करीब 11% उछला। जुलाई से सितंबर तिमाही में अमेरिकन का जेट ईंधन खर्च 67.5% बढ़कर 4.63 अरब डॉलर हो गया था। मुख्य कार्यकारी रॉबर्ट आइसम ने पिछले महीने कहा था, “इस तिमाही में हमें घाटा हुआ, जो ईंधन के दाम में इस उछाल के बिना अच्छे-खासे मुनाफे में होता।”
व्यापक बाज़ार भी मज़बूत रहा। एसएंडपी 500 करीब 1%, डाउ 1.1% और नैस्डैक 1.3% ऊपर था। इसमें उम्मीद से बेहतर अमेरिकी फैक्ट्री सर्वे का भी हाथ रहा, जिसमें अक्टूबर में आईएसएम मैन्युफैक्चरिंग सूचकांक बढ़कर 55.5 पर पहुंचा।
भारत अपनी ज़रूरत का ज़्यादातर कच्चा तेल विदेश से खरीदता है, इसलिए प्रति बैरल हर डॉलर की कमी आयात बिल का बोझ घटाती है और रुपये व महंगाई पर दबाव कम करती है। तेल की पहले की गिरावट के दम पर सेंसेक्स सोमवार को पहले ही 1,233 अंक उछल चुका था। मंगलवार को दलाल स्ट्रीट खुलने पर तेल विपणन कंपनियों और एयरलाइंस पर खास नज़र रहेगी। उसी दिन अमेरिका में मध्यावधि चुनाव के लिए मतदान होगा।