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दीया मिर्जा का पटाखा-विरोधी वीडियो बहाल करे बीएमसी: बॉम्बे हाईकोर्ट, नेताओं की 'संकीर्ण सोच' पर फटकार
भाजपा नेताओं की आपत्ति के बाद नगर निगम ने अभिनेत्री का दिवाली संदेश हटा दिया था। अदालत ने कहा कि वीडियो उसी के निर्देशों पर बना था और उसे हटाना जल्दबाजी की प्रतिक्रिया थी।

मुख्य बातें
- बॉम्बे हाईकोर्ट ने बीएमसी से दीया मिर्जा का वीडियो फिर से ऑनलाइन डालने को कहा।
- पीठ ने वीडियो हटाने को जल्दबाजी की प्रतिक्रिया बताया और अभिनेत्री पर हुई राजनीतिक टिप्पणियों की आलोचना की।
- पुलिस और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ग्रीन पटाखों के तय समय का पालन कराएं।
बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) से अभिनेत्री दीया मिर्जा का पटाखा-विरोधी वीडियो फिर से ऑनलाइन डालने को कहा। अदालत ने उन राजनीतिक नेताओं की कड़ी आलोचना भी की, जिनकी आपत्ति के बाद यह वीडियो हटाया गया था।
जस्टिस गिरीश कुलकर्णी और जस्टिस नीला गोखले की पीठ त्योहारों के दौरान ध्वनि और वायु प्रदूषण पर खुद शुरू किए गए मामले की सुनवाई कर रही थी। अभिनेत्री का संदेश, जिसमें लोगों से दिवाली पर सड़कों पर पटाखे न फोड़ने की अपील थी, अदालत के 15 अक्टूबर के आदेशों के बाद नगर निगम के जागरूकता अभियान के लिए रिकॉर्ड हुआ था। उन आदेशों में मशहूर हस्तियों को जोड़ने का सुझाव दिया गया था। मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमीत साटम की आपत्ति के बाद बीएमसी ने इसे अपने सोशल मीडिया हैंडल से हटा दिया।

पीठ ने कहा, “जो किया गया, वह नहीं किया जाना चाहिए था। इसे बहाल करें और लोगों का भरोसा बहाल करें।” अदालत ने वीडियो हटाने को जल्दबाजी की प्रतिक्रिया बताया और कहा कि नगर आयुक्त ने अदालत के निर्देशों के अनुसार ही काम किया था।
न्यायाधीशों ने अदालत के प्रदूषण संबंधी आदेशों को राजनीतिक रंग देने की कोशिशों पर गहरी नाराजगी जताई और याद दिलाया कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है। पीठ ने कहा, “हमारी सबसे बड़ी चिंता पर्यावरण है। जब हम ‘हम’ कहते हैं, तो हमारा मतलब है ‘हम भारत के लोग’, सभी जातियों, पंथों और धर्मों के चिंतित नागरिक।” अदालत ने कहा कि जब कोई समाज के लिए चिंता दिखाता है, तो उसे संकीर्ण सोच के साथ फटकारा जाता है, और यह संतुलन “बेतुकी टिप्पणियों से नहीं बिगड़ना चाहिए”।
विवाद तब और बढ़ा जब मुंबई की महापौर ऋतु तावड़े ने इस अपील की आलोचना की। उन्होंने कहा कि हिंदुओं को दिवाली मनाने का तरीका सीखने की जरूरत नहीं है और संकेत दिया कि अभिनेत्री का रुख हिंदुत्व के खिलाफ है। दीया मिर्जा ने सोमवार को कहा था कि उन्होंने यह वीडियो हाईकोर्ट के निर्देशों पर रिकॉर्ड किया था। उन्होंने कहा, “वायु प्रदूषण जन स्वास्थ्य का मामला है।”
अदालत ने महाराष्ट्र में पुलिस और प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों से सुप्रीम कोर्ट के ग्रीन पटाखा नियम लागू करने को भी कहा, जिनमें पटाखे सिर्फ तय समय में फोड़ने की अनुमति है।