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इंडिया गठबंधन की रैली: रामलीला मैदान में जुटने लगी भीड़, दिल्ली में 10,000 सुरक्षाकर्मी तैनात
पंजाब, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश से आए समर्थक रविवार सुबह मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे के नारे लगाते हुए मैदान पहुंचे। कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर लोगों का दिल्ली आना मुश्किल बनाने का आरोप लगाया, जबकि भाजपा पश्चिमी दिल्ली में अपने मार्च की तैयारी में है।

मुख्य बातें
- मध्य और नई दिल्ली में करीब 10,000 पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात हैं।
- कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता खत्म हो गई है।
- 1984 के सिख विरोधी दंगों पर भाजपा का मार्च सुबह 11:30 बजे हरि नगर से शुरू होगा।
रविवार सुबह हजारों विपक्षी समर्थक “वोट चोर, गद्दी छोड़” के नारे लगाते हुए रामलीला मैदान पहुंच गए, जबकि इंडिया गठबंधन के नेताओं के आने में अभी कुछ घंटे बाकी थे। राजधानी के बीचोबीच करीब 10,000 पुलिस और अर्धसैनिक बल तैनात किए गए हैं।
पंजाब, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड से आए लोग सुबह से ही जुटने लगे। कुछ पहले हिमाचल भवन के बाहर इकट्ठा हुए और फिर पैदल मैदान की ओर बढ़े। उनकी मांग वही है जो गठबंधन पूरे हफ्ते उठाता रहा है: मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें।
फिरोजपुर से आए बलजिंदर सिंह ने कहा कि पंजाब की गाड़ियों को हरियाणा में रोका गया और बहुत से समर्थक रात भर फंसे रहे। उनके मुताबिक भाजपा के पास “ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा दिलवाने के अलावा कोई रास्ता नहीं है।” उत्तराखंड कांग्रेस के सचिव मदनपाल सिंह ने कहा कि भीड़ “सीईसी के इस्तीफे के बाद ही” लौटेगी।
कांग्रेस नेताओं ने क्या कहा
कांग्रेस सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि यह लड़ाई एक संस्था को बचाने की है और जिम्मेदार लोगों को खुद इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने कहा, “हमारी चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पूरी तरह खत्म हो चुकी है।” उन्होंने रैली को “जनता की आवाज” बताया।
कांग्रेस नेता उदित राज ने सरकार पर दिल्ली आने वालों की राह में रोड़े अटकाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अनुरोध के बावजूद न अतिरिक्त डिब्बे जोड़े गए, न विशेष ट्रेनें चलाई गईं। उन्होंने कहा, “दिल्ली चारों तरफ से जाम है।” उन्होंने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून पर भी निशाना साधा और कहा कि यह उन्हें “जब तक वे जीवित हैं” किसी भी कार्रवाई से बचाता है।
कैमरे, ड्रोन और धारा 163
तैनात बलों में से 4,000 से ज्यादा मैदान और मिंटो ब्रिज से आने वाले रास्ते पर लगाए गए हैं। कनॉट प्लेस, जंतर मंतर, सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग के दफ्तर के पास कई परतों में बैरिकेडिंग है। पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में बड़ी अनधिकृत भीड़ रोकने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू की है और ड्रोन तथा एआई आधारित चेहरा पहचान तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है।
पुलिस उपायुक्त (मध्य) रोहित राजबीर ने कहा, “हमने पूरे इलाके को 200 से 250 सीसीटीवी कैमरों से कवर किया है।” एलएनजेपी और जीबी पंत अस्पतालों तक के रास्ते एंबुलेंस के लिए खाली रखे जा रहे हैं।
इंडिया गठबंधन के सांसद सुबह 11 बजे कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में मिलेंगे और दोपहर 12 बजे मिंटो रोड और कनॉट प्लेस जंक्शन से मार्च करेंगे। राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, तेजस्वी यादव, हेमंत सोरेन और रेवंत रेड्डी के आने की उम्मीद है। मध्य दिल्ली में यातायात पाबंदियां सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक हैं।
पश्चिमी दिल्ली में भाजपा का मार्च
शहर के दूसरे छोर पर भाजपा 1984 के सिख विरोधी दंगों पर मार्च की तैयारी कर रही है, जिसमें सिख समुदाय के लोग भी शामिल होंगे। इसे विपक्ष के शक्ति प्रदर्शन के जवाब के रूप में देखा जा रहा है। मार्च सुबह 11:30 बजे हरि नगर बस डिपो से तिलक नगर मेट्रो स्टेशन तक जाएगा, जिसकी अगुवाई केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, मनजिंदर सिंह सिरसा और सांसद बांसुरी स्वराज करेंगे। लाजवंती चौक से तिलक नगर तक जेल रोड सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक बंद रह सकती है।