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राज्यदिल्ली

सर्दियों की पाबंदियों के पहले दिन दिल्ली की हवा 'खराब', एक्यूआई 214; बाकी एनसीआर 'मध्यम'

रविवार सुबह 7 बजे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सिर्फ दिल्ली की हवा 'खराब' श्रेणी में रही। इसी दिन से राजधानी में प्रदूषण से जुड़ी नई पाबंदियां लागू हुई हैं। देश में सबसे खराब हवा पंजाब के खन्ना की रही।

संपादकीय डेस्क से · नई दिल्लीप्रकाशित
दिल्ली में हुमायूं के मकबरे के परिसर में अफसरवाला मकबरा (फ़ाइल फ़ोटो)
दिल्ली में हुमायूं के मकबरे के परिसर में अफसरवाला मकबरा (फ़ाइल फ़ोटो)Photo: Jakub Hałun / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

मुख्य बातें

  1. दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक सुबह 7 बजे 214 रहा, जो 'खराब' श्रेणी है।
  2. नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम 'मध्यम' रहे, जबकि फरीदाबाद 95 पर 'संतोषजनक' रहा।
  3. पंजाब का खन्ना 320 के साथ देश का सबसे प्रदूषित शहर रहा।

रविवार को दिल्ली की सुबह ‘खराब’ हवा के साथ हुई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के मुताबिक सुबह 7 बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 214 था। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में इस श्रेणी में सिर्फ दिल्ली रही, और यह वही सुबह थी जब राजधानी में सर्दियों की नई प्रदूषण पाबंदियां लागू हुईं।

पड़ोसी शहरों की हालत थोड़ी बेहतर रही। नोएडा 200 पर रहा, यानी ‘मध्यम’ श्रेणी की ऊपरी सीमा पर। गाजियाबाद 194, ग्रेटर नोएडा 181 और गुरुग्राम 153 पर रहे। फरीदाबाद 95 पर ‘संतोषजनक’ श्रेणी में रहा।

बोर्ड के पैमाने पर 201 से 300 तक का एक्यूआई ‘खराब’ माना जाता है, जिसमें लंबे समय तक रहने पर ज्यादातर लोगों को सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। 301 से 400 ‘बहुत खराब’ और 400 से ऊपर ‘गंभीर’ श्रेणी है।

देश भर में सबसे खराब हवा पंजाब के खन्ना में 320 दर्ज हुई, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में अकेला शहर रहा। इसके बाद उत्तर प्रदेश का बागपत 300, हरियाणा के कैथल 274 और अंबाला 257, और उत्तर प्रदेश का गजरौला 253 पर रहे। सबसे साफ हवा गंगटोक (15) और आइजोल (17) में रही।

रविवार से दिल्ली के बाहर पंजीकृत बीएस-IV या उससे पुराने मानक वाले वाहन 31 जनवरी तक शहर में नहीं आ सकेंगे। दफ्तरों में आधी उपस्थिति रहेगी और अधिकृत पार्किंग में शुल्क दोगुना कर दिया गया है। इन उपायों का मकसद सर्दियों के धुंध भरे सबसे बुरे दौर में प्रदूषण पर लगाम रखना है।