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राज्यआंध्र प्रदेश

चक्रवात मुरासु की आंख ओंगोल के पास आंध्र तट पर पहुंची, लैंडफॉल शुरू

गंभीर चक्रवाती तूफान मंगलवार तड़के कोथापट्टनम के पास दक्षिण आंध्र प्रदेश का तट पार करने लगा। 120 किमी प्रति घंटे तक की हवाओं के बीच मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों के लोगों से घरों में रहने को कहा।

संपादकीय डेस्क से · अमरावतीप्रकाशित
बंगाल की खाड़ी के ऊपर चक्रवात मुरासु की उपग्रह तस्वीर (फ़ाइल फ़ोटो)
बंगाल की खाड़ी के ऊपर चक्रवात मुरासु की उपग्रह तस्वीर (फ़ाइल फ़ोटो)Photo: Joint Typhoon Warning Center / Wikimedia Commons, Public domain

मुख्य बातें

  1. मौसम विभाग के मुताबिक मंगलवार तड़के चक्रवात मुरासु की आंख दक्षिण आंध्र तट को छू गई।
  2. सुबह तक तट पर 100 से 110 किमी प्रति घंटे, झोंकों में 120 किमी की हवाएं चलने का अनुमान है।
  3. बापटला, कृष्णा और प्रकाशम के निचले इलाकों में 1.5 मीटर तक की समुद्री लहरें पानी भर सकती हैं।

गंभीर चक्रवाती तूफान मुरासु मंगलवार को भोर से पहले आंध्र प्रदेश का तट पार करने लगा। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि तूफान की आंख दक्षिण आंध्र तट को छू चुकी है और उसकी वॉल क्लाउड, यानी सबसे तेज हवा और बारिश वाला घेरा, का एक हिस्सा जमीन पर आ गया है।

तूफान प्रकाशम जिले में ओंगोल के पास कोथापट्टनम में तट से टकरा रहा है। आईएमडी के अनुसार लैंडफॉल पूरा होने में करीब दो घंटे और लगेंगे, और सुबह तक तट पर 100 से 110 किमी प्रति घंटे की आंधी, झोंकों में 120 किमी तक, चलती रहेगी। चेन्नई और मछलीपट्टनम के डॉप्लर रडार इस पर नजर रखे हुए हैं।

तड़के कोथापट्टनम बीच पर भारी बारिश और तेज हवाएं चलीं। ओंगोल में मध्यम बारिश हुई, जबकि दक्षिण में नेल्लोर में हल्की बूंदाबांदी ही रही।

समुद्री लहरों की चेतावनी

आईएमडी ने सामान्य ज्वार से 1 से 1.5 मीटर ऊंची लहरों की चेतावनी दी है, जो मंगलवार सुबह तक दक्षिण तटीय आंध्र प्रदेश के निचले इलाकों में पानी भर सकती हैं। सबसे ऊंची लहरें बापटला और कृष्णा व प्रकाशम जिलों में उठने का अनुमान है। अगले 12 घंटों में दक्षिणी तट पर भारी बारिश का पूर्वानुमान है।

सोमवार शाम निजामपट्टनम बंदरगाह पर सबसे ऊंचा खतरे का सिग्नल 10 और मछलीपट्टनम में सिग्नल 9 लगाया गया था। विजयवाड़ा, तिरुपति और विशाखापत्तनम हवाई अड्डों पर कम से कम 19 घरेलू उड़ानें रद्द की गईं।

नायडू: घरों में रहें

मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने तूफान के करीब आते ही प्रभावित जिलों के अधिकारियों के साथ टेलीकॉन्फ्रेंस की। उन्होंने अधिकारियों को पूरी तरह चौकस रहने और जान बचाने को सबसे पहली प्राथमिकता देने को कहा, और सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों के लोगों से तूफान गुजरने तक घरों में रहने की अपील की।

नायडू ने सोमवार रात चेताया, “लैंडफॉल के दौरान ओंगोल जिले में तेज रफ्तार हवाएं चल सकती हैं।” उन्होंने हाल में राज्य से टकराए चक्रवात अर्नब में हुई मौतों को याद करते हुए कहा कि ऐसा दोबारा नहीं होना चाहिए। गांव और वार्ड सचिवालयों के कर्मचारियों को घर घर चेतावनी पहुंचाने, सिंचाई अधिकारियों को नहरों और तालाबों में दरार रोकने और बिजली कर्मचारियों को खंभे गिरने पर तुरंत बिजली बहाल करने के लिए तैयार रहने को कहा गया।

टीमें तैनात

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) ने पांच राज्यों में भेजी अपनी 37 टीमों में से 13 टीमें आंध्र प्रदेश में तैनात की हैं। प्रकाशम के कलेक्टर पी राजा बाबू ने बताया कि सात तटीय मंडलों के 26 संवेदनशील गांवों की पहचान की गई है, वहां के लोगों को चक्रवात आश्रयों में भेजा गया है और प्रसव के करीब पहुंची गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाया गया है। जिले में स्कूल बंद हैं।

सुबह करीब 5:50 बजे तक किसी मौत या नुकसान की खबर नहीं थी।