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एंटीगा में जयशंकर ने राष्ट्रमंडल नेताओं के सामने रखा भारत का डिजिटल ढांचा और व्यापार समझौते
सेंट जॉन्स में चोगम के कार्यकारी सत्र में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि डिजिटल सार्वजनिक ढांचे ने अर्थव्यवस्थाओं को सबके लिए खोला है और भारत के मुक्त व्यापार समझौते मजबूत आपूर्ति शृंखला में मदद करते हैं।

मुख्य बातें
- जयशंकर ने एंटीगा में राष्ट्रमंडल शासनाध्यक्षों के कार्यकारी सत्र में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
- उन्होंने कहा कि डिजिटल सार्वजनिक ढांचे ने अर्थव्यवस्थाओं का लोकतंत्रीकरण किया है।
- उन्होंने भारत के मुक्त व्यापार समझौतों और जारी बातचीत को स्थिर व्यापार का आधार बताया।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने राष्ट्रमंडल नेताओं से कहा है कि भारत का डिजिटल सार्वजनिक ढांचे का मॉडल अवसरों को बढ़ाने में मदद कर सकता है। वे एंटीगा और बारबुडा के सेंट जॉन्स में राष्ट्रमंडल शासनाध्यक्षों की बैठक (चोगम) के कार्यकारी सत्र में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे थे।
जयशंकर ने एक्स पर लिखा कि सत्र में भारत का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए सम्मान की बात है। उन्होंने कहा कि डिजिटल सार्वजनिक ढांचे ने अवसर बढ़ाकर अर्थव्यवस्थाओं का लोकतंत्रीकरण किया है। भारत अपनी जी20 अध्यक्षता के समय से ही यह बात वैश्विक मंचों पर उठाता रहा है।
उन्होंने भारत के हाल के मुक्त व्यापार समझौतों और जारी बातचीत का भी जिक्र किया और कहा कि इनसे अनुमान योग्य व्यापार और मजबूत आपूर्ति शृंखला को बल मिलेगा।
1 से 4 नवंबर तक चल रहे इस शिखर सम्मेलन का विषय है “समृद्ध राष्ट्रमंडल के लिए साझेदारी और निवेश में तेजी”। हवाई अड्डे पर जयशंकर की अगवानी विदेश मंत्री एवरली चेट ग्रीन और पर्यटन व नागरिक उड्डयन मंत्री चार्ल्स फर्नांडिस ने की।
मंगलवार को विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने चोगम से पहले राष्ट्रमंडल विदेश मंत्रियों की बैठक को संबोधित किया। उन्होंने विकास के लिए तकनीक को सबके लिए सुलभ बनाने, जलवायु कार्रवाई, आपदा से निपटने की क्षमता और बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार जैसे जनकेंद्रित नतीजों पर जोर दिया।
एंटीगा विदेश मंत्री के लंबे अमेरिका महाद्वीप दौरे का आखिरी पड़ाव है। सम्मेलन से पहले वे 30 और 31 अक्टूबर को अटलांटा में जी20 विदेश मंत्रियों की बैठक और अमेरिका में क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल हुए, जहां उन्होंने द्विपक्षीय बातचीत भी की।