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मान के गृह ज़िले से राहुल गांधी का पंजाब अभियान, संगरूर में 'इंसाफ़ रैली'
लोकसभा में विपक्ष के नेता बुधवार को संगरूर के फगुवाला गांव में कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। नए प्रदेश अध्यक्ष परगट सिंह की यह पहली बड़ी परीक्षा है।

मुख्य बातें
- राहुल गांधी बुधवार को संगरूर के फगुवाला में इंसाफ़ रैली को संबोधित करेंगे।
- कांग्रेस को 2027 के पंजाब अभियान की शुरुआत में एक लाख से ज़्यादा कार्यकर्ताओं के आने की उम्मीद है।
- नशा, क़ानून-व्यवस्था और बेरोज़गारी आप सरकार के ख़िलाफ़ मुख्य मुद्दे होंगे।
राहुल गांधी बुधवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान के गृह ज़िले संगरूर के फगुवाला गांव में इंसाफ़ रैली से 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस का अभियान शुरू करेंगे।
पंजाब कांग्रेस ने समर्थकों से सुबह 10 बजे तक रैली स्थल पहुंचने को कहा है। पार्टी को पूरे राज्य से एक लाख से ज़्यादा कार्यकर्ताओं के आने की उम्मीद है।
यह रैली प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर परगट सिंह का पहला बड़ा कार्यक्रम है। भारतीय हॉकी टीम के पूर्व कप्तान ने हफ़्तों चली खुली खींचतान के बाद अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग की जगह ली है। पंजाब प्रभारी और एआईसीसी महासचिव सचिन पायलट पूर्व सांसद विजय इंदर सिंगला के साथ कई बार मैदान का दौरा कर चुके हैं।
परगट सिंह ने रैली को पंजाब के अधिकारों, इंसाफ़ और भविष्य की लड़ाई में “निर्णायक मंच” बताया है। उन्होंने आप सरकार पर पंजाब को “पुलिस राज” बनाने और धान बेचने में जूझ रहे किसानों पर चुप रहने का आरोप लगाया।
मान सरकार के ख़िलाफ़ मोर्चा
पार्टी नेताओं के मुताबिक़ राहुल गांधी नशे, क़ानून-व्यवस्था और बेरोज़गारी पर राज्य सरकार को घेरेंगे। 26 अक्टूबर को जब रैली का ऐलान “हिसाब मांगो” नाम से हुआ था, तब महासचिव के सी वेणुगोपाल ने कहा था कि पार्टी का लक्ष्य पंजाब को वापस जीतना और उसे “इन बुरी ताक़तों” से बचाना है। पायलट ने कहा था, “बदलाव ज़रूर होगा।”
राह आसान नहीं है। 2022 में कांग्रेस 117 में से सिर्फ़ 18 सीटें जीत पाई थी, जबकि पांच साल पहले उसके पास 77 थीं। आप ने 92 सीटें जीती थीं। कांग्रेस अब विधानसभा में मुख्य विपक्ष है और पिछले हफ़्ते चंडीगढ़ में उसके नेता एक साथ दिखे, ताकि यह संदेश जाए कि गुटबाज़ी ख़त्म हो चुकी है।
बुधवार सुबह तक आप सरकार ने रैली को लेकर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी।