अर्थव्यवस्थाकंपनियां
सितंबर तिमाही में नायका का मुनाफा करीब तिगुना, फिजिक्सवाला का दोगुना
फाल्गुनी नायर की ब्यूटी और फैशन कंपनी ने 28% ज्यादा राजस्व पर ₹101 करोड़ कमाए, जबकि अलख पांडे की एडटेक कंपनी जून तिमाही के घाटे के बाद फिर मुनाफे में लौट आई।

मुख्य बातें
- नायका का शुद्ध मुनाफा साल भर पहले के ₹32.98 करोड़ से बढ़कर ₹101.19 करोड़ हुआ।
- फिजिक्सवाला ने ₹69.72 करोड़ के मुकाबले ₹142.29 करोड़ कमाए, जून तिमाही में उसे घाटा हुआ था।
- नायका मेकअप ब्रांड सिंपली नाम में 82% हिस्सेदारी खरीदेगी।
संस्थापकों की अगुवाई वाली देश की दो जानी-मानी कंपनियों ने बुधवार शाम तेज मुनाफे की खबर दी: ब्यूटी और फैशन रिटेलर नायका का तिमाही मुनाफा करीब तिगुना हो गया और टेस्ट-प्रेप कंपनी फिजिक्सवाला का दोगुना।
नायका की मूल कंपनी एफएसएन ई-कॉमर्स वेंचर्स ने जुलाई से सितंबर तिमाही में ₹101.19 करोड़ का शुद्ध मुनाफा कमाया। साल भर पहले यह ₹32.98 करोड़ था और जून तिमाही के मुकाबले भी यह 26.8% ज्यादा है। परिचालन से राजस्व 28% बढ़कर ₹3,006.04 करोड़ रहा और परिचालन मुनाफा (एबिटडा) 65% बढ़कर ₹263 करोड़ हो गया, यानी 8.7% का मार्जिन।
मुख्य कारोबार ब्यूटी में ₹4,454 करोड़ का सामान बिका, जो 25% ज्यादा है, जबकि फैशन शाखा का सकल व्यापारिक मूल्य 42% बढ़कर ₹1,674 करोड़ रहा। कंपनी की फटाफट डिलीवरी सेवा नायका नाउ 15 शहरों में चल रही है और वित्त वर्ष के अंत तक इसे 25 से ज्यादा शहरों में ले जाने का लक्ष्य है। नायका के अब 338 स्टोर हैं।
संस्थापक और मुख्य कार्यकारी फाल्गुनी नायर ने कहा, “इस तिमाही का हमारा प्रदर्शन नायका इकोसिस्टम की ताकत दिखाता है। ब्यूटी और फैशन में तेज बढ़त दिख रही है।”
कंपनी ने 2022 में शुरू हुए प्रोफेशनल मेकअप ब्रांड सिंपली नाम में 82% हिस्सेदारी खरीदने का समझौता भी किया। पिछले साल इस ब्रांड का कारोबार ₹16.99 करोड़ था। सौदा 31 दिसंबर तक पूरा होना है।
फिजिक्सवाला फिर मुनाफे में
फिजिक्सवाला ने ₹142.29 करोड़ का शुद्ध मुनाफा कमाया, जो पहले ₹69.72 करोड़ था। जून तिमाही में कंपनी को ₹87.04 करोड़ का घाटा हुआ था। राजस्व 18% बढ़कर ₹1,242.26 करोड़ रहा। ऑनलाइन राजस्व 26.4% बढ़कर ₹694 करोड़ और ऑफलाइन केंद्रों से कमाई 9% बढ़कर ₹541 करोड़ रही।
नीट यूजी परीक्षा टलने से रुकी मांग लौटी तो नीट दाखिले 30% से ज्यादा बढ़े, और स्कूल बोर्ड व सीयूईटी के दाखिले दोगुने से ज्यादा होकर 4.55 लाख हो गए। सितंबर के अंत में कंपनी के खजाने में ₹5,268 करोड़ थे, जिसमें शेयर बिक्री से जुटाई रकम भी शामिल है।
संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अलख पांडे ने कहा, “हमारा ध्यान अनुशासित पूंजी आवंटन के साथ सस्ती, तकनीक आधारित शिक्षा को बढ़ाने पर है।”