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राजनीतिमध्य प्रदेश

भोपाल में नड्डा की पदयात्रा, बोले: राहुल लोकतंत्र के रक्षक होने का 'दिखावा' कर रहे

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के साथ अटल पथ से रोशनपुरा तक पैदल मार्च किया और कांग्रेस के 'वोट चोरी' आरोप के जवाब में आपातकाल की याद दिलाई।

संपादकीय डेस्क से · भोपालप्रकाशित
गांधी न्यूज़ ग्राफ़िक: नड्डा की 'लोकतंत्र बचाओ' यात्रा भोपाल पहुंची
गांधी न्यूज़ ग्राफ़िक: नड्डा की 'लोकतंत्र बचाओ' यात्रा भोपाल पहुंचीGraphic: Gandhi News

मुख्य बातें

  1. जेपी नड्डा ने भोपाल में भाजपा के 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' मार्च की अगुवाई की।
  2. उन्होंने कहा कि आपातकाल में 1.3 लाख लोगों को जेल में डाला गया।
  3. यह मध्य प्रदेश में भाजपा का तीसरा ऐसा मार्च था, इंदौर और जबलपुर के बाद।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने बुधवार को भोपाल में भाजपा के “लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ” मार्च की अगुवाई की। इसके साथ विपक्ष के “वोट चोरी” आरोप के खिलाफ पार्टी का अभियान मध्य प्रदेश की राजधानी तक पहुंच गया।

मुख्यमंत्री मोहन यादव और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी उनके साथ चले। पदयात्रा प्लैटिनम प्लाजा के पास अटल पथ से शुरू होकर न्यू मार्केट होते हुए रोशनपुरा तक गई। इसमें हजारों पार्टी कार्यकर्ता, व्यापारी, पेशेवर और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

नड्डा ने कांग्रेस का आरोप उसी पर पलट दिया। उन्होंने कहा, “आज राहुल गांधी और कांग्रेस लोकतंत्र के रक्षक होने का दिखावा कर रहे हैं।” उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह हर चुनाव हारने के बाद अपनी कमियां देखने के बजाय चुनाव आयोग और ईवीएम पर हमला करता है।

फिर आपातकाल का जिक्र

नड्डा ने 1975 की याद दिलाई, जब प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगाया था। उन्होंने कहा, “आपातकाल के दौरान 1.3 लाख लोगों को अपना बचाव करने का मौका दिए बिना जेल में डाल दिया गया।” नड्डा ने भीड़ को बताया कि उस दौर में उन्हें खुद दो बार कक्षा से उठाकर थाने ले जाया गया था, और पूरे के पूरे परिवार गिरफ्तार किए गए थे।

भोपाल का मार्च प्रदेश में भाजपा का तीसरा ऐसा मार्च था। इससे पहले 30 अक्टूबर को इंदौर और 2 नवंबर को जबलपुर में मार्च हुए थे। पार्टी मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ी और मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर इंडिया गठबंधन के अभियान के जवाब में कई राज्यों में ऐसे मार्च निकाल रही है।

कांग्रेस ने मतदाता सूचियों में गड़बड़ी का आरोप लगाया है। भाजपा का कहना है कि विपक्ष बिना सबूत लोकतांत्रिक संस्थाओं पर शक कर रहा है।