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नाल्को को सितंबर तिमाही में ₹1,835 करोड़ का मुनाफा, ₹4.50 का अंतरिम लाभांश
सरकारी एल्युमिनियम कंपनी का मुनाफा मार्जिन घटने से जून तिमाही के मुकाबले कम रहा, लेकिन पहली छमाही की कमाई पिछले साल से काफी आगे है।

मुख्य बातें
- तिमाही मुनाफा ₹1,835 करोड़ रहा, 8.4% कम, जून तिमाही के मुकाबले।
- परिचालन मार्जिन 51.1% से घटकर 44.5% रह गया।
- बोर्ड ने ₹4.50 प्रति शेयर का अंतरिम लाभांश घोषित किया, रिकॉर्ड तिथि 6 नवंबर।
सरकारी क्षेत्र की एल्युमिनियम और एल्युमिना निर्माता नेशनल एल्युमिनियम कंपनी (नाल्को) ने सोमवार रात सितंबर तिमाही में ₹1,835 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया और शेयरधारकों के लिए अंतरिम लाभांश घोषित किया।
जून तिमाही के ₹2,003 करोड़ के मुकाबले मुनाफा 8.4% कम रहा, हालांकि परिचालन से आय 2.2% बढ़कर ₹5,419 करोड़ हो गई। दबाव परिचालन कमाई पर दिखा: एबिटडा 11% घटकर ₹2,411 करोड़ रहा और मार्जिन 51.1% से घटकर 44.5% पर आ गया, यानी करीब 660 बेसिस पॉइंट की गिरावट।
नाल्को, जून बनाम सितंबर तिमाही (₹ करोड़)
छमाही की तस्वीर कहीं बेहतर है। अप्रैल से सितंबर के बीच नाल्को का मुनाफा ₹3,837.47 करोड़ रहा, जो एक साल पहले के ₹2,497.03 करोड़ से करीब 54% ज़्यादा है। इस दौरान आय ₹8,099.28 करोड़ के मुकाबले ₹10,721.82 करोड़ रही।
बोर्ड ने ₹4.50 प्रति शेयर का अंतरिम लाभांश घोषित किया, जो ₹5 के अंकित मूल्य का 90% है। ₹918.32 करोड़ की चुकता पूंजी पर यह करीब ₹826 करोड़ बैठता है। रिकॉर्ड तिथि शुक्रवार, 6 नवंबर है और भुगतान 1 दिसंबर तक कर दिया जाएगा। बहुमत हिस्सेदार होने के नाते सबसे बड़ा हिस्सा केंद्र सरकार को मिलेगा।
ऑडिटरों ने एक बार फिर दो पवन ऊर्जा संयंत्रों की आय दर्ज न होने की ओर ध्यान दिलाया, क्योंकि राजस्थान सरकार के साथ बिजली खरीद समझौते अभी लंबित हैं। यह विवाद राजस्थान हाई कोर्ट में है, और ऑडिटरों ने कहा कि इससे उनके समीक्षा निष्कर्ष पर कोई असर नहीं पड़ा।
नतीजे बाज़ार बंद होने के बाद आए। मंगलवार को कारोबार शुरू होने पर नाल्को के शेयर इन पर प्रतिक्रिया देंगे।