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खुर्शीद बोले, एक रैली से बात खत्म नहीं होगी; राजीव शुक्ला का सवाल, ज्ञानेश कुमार इस्तीफा क्यों नहीं दे रहे
रामलीला मैदान में कांग्रेस नेताओं ने रविवार की इंडिया गठबंधन रैली को मतदाता सूची से कटे नामों पर लंबी लड़ाई की शुरुआत बताया और मुख्य चुनाव आयुक्त पर निशाना साधा।

मुख्य बातें
- सलमान खुर्शीद ने कहा कि यह रैली एक चलते आंदोलन का हिस्सा है।
- राजीव शुक्ला बोले, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर से जनता का भरोसा उठ गया है।
- के सी वेणुगोपाल के मुताबिक पूरी दिल्ली लोगों से भर गई है।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने रविवार दोपहर कहा कि रामलीला मैदान की इंडिया गठबंधन रैली एक लंबी लड़ाई की शुरुआत है। विपक्षी नेता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर अड़े रहे।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने रैली स्थल पर पत्रकारों से कहा, “यह एक रैली से खत्म नहीं होगा, यह एक चलते आंदोलन का हिस्सा है।” उन्होंने चुनाव आयोग के मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने और इसके लिए अपनाए गए मानदंडों पर सवाल उठाए।
खुर्शीद ने कहा, “हमारी शिकायत यह है कि हमारे साथी नागरिकों के नाम काट दिए गए हैं। हम नहीं चाहते कि एक भी भारतीय छूट जाए।” उन्होंने जोड़ा, “प्रधानमंत्री कौन बनेगा, यह भारत की जनता तय करती है।”
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद राजीव शुक्ला ने सीधे सीईसी पर निशाना साधा। रैली के इतर उन्होंने कहा, “इन ज्ञानेश कुमार को जवाब देना होगा कि वे इस्तीफा क्यों नहीं दे रहे? जनता का उन पर से भरोसा उठ गया है। लोग मानते हैं कि वे निष्पक्ष चुनाव आयुक्त नहीं हैं।”
इन टिप्पणियों पर चुनाव आयोग की ओर से तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
कांग्रेस महासचिव के सी वेणुगोपाल ने कहा कि भीड़ मैदान से बाहर तक फैल गई है। उन्होंने कहा, “सिर्फ रामलीला मैदान नहीं, पूरी दिल्ली लोगों से भर गई है। लोग हर कोने से एकजुट होकर एक जोरदार संदेश देने आए हैं।”
यह रैली शनिवार को राजधानी में विपक्षी नेताओं के सीईसी के प्रतीकात्मक “महाभियोग” के एक दिन बाद हो रही है। दिल्ली पुलिस ने आयोजकों से कार्यक्रम शाम 5 बजे तक खत्म करने को कहा है।