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अक्टूबर में इलेक्ट्रिक दोपहिया का रजिस्ट्रेशन 48% उछलकर 2.24 लाख, टीवीएस ने बजाज से बढ़त और बढ़ाई
सरकारी रजिस्ट्रेशन आंकड़ों के मुताबिक त्योहारी महीने में बैटरी वाले स्कूटर और बाइक की बिक्री ने नई रफ्तार पकड़ी। हीरो का विडा एथर के करीब पहुंचा, जबकि ओला इलेक्ट्रिक और फिसली।
मुख्य बातें
- अक्टूबर में देश में 2,23,886 इलेक्ट्रिक दोपहिया रजिस्टर हुए, जो एक साल पहले से 48.4% ज़्यादा है।
- टीवीएस मोटर 60,433 रजिस्ट्रेशन के साथ सबसे आगे रही, अक्टूबर 2025 के मुकाबले लगभग दोगुना।
- ओला इलेक्ट्रिक पांचवें नंबर पर खिसकी, उसके रजिस्ट्रेशन सालाना आधार पर 26.4% घटे।
अक्टूबर का त्योहारी महीना देश के इलेक्ट्रिक दोपहिया बाज़ार के लिए दमदार रहा। सरकार के वाहन पोर्टल के रविवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक इस महीने 2,23,886 बैटरी वाले स्कूटर और मोटरसाइकिल रजिस्टर हुए।
यह अक्टूबर 2025 के 1,50,894 से 48.4% और सितंबर के 2,08,707 से 7.3% ज़्यादा है। ये आंकड़े परिवहन कार्यालयों में दर्ज वाहनों के हैं, न कि डीलरों को भेजी गई उन गाड़ियों के जिनका ब्योरा कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को देती हैं। इसलिए ये त्योहारी सीज़न में ग्राहकों की असल खरीद की बेहतर तस्वीर देते हैं।
टीवीएस मोटर पहले नंबर पर बनी रही। उसके 60,433 रजिस्ट्रेशन हुए, जो एक साल पहले से 94.5% ज़्यादा हैं, और बाज़ार में उसकी हिस्सेदारी बढ़कर 27% हो गई। दूसरे नंबर की बजाज ऑटो पर उसकी बढ़त सितंबर के 5,662 से लगभग दोगुनी होकर 11,365 यूनिट हो गई। बजाज के 49,068 इलेक्ट्रिक दोपहिया रजिस्टर हुए, जो पिछले महीने के आसपास ही है, और उसकी हिस्सेदारी घटकर 21.9% रह गई।
एथर एनर्जी 31,795 के साथ तीसरे नंबर पर रही। उसके पीछे हीरो मोटोकॉर्प के विडा ब्रांड ने बड़ी कंपनियों में महीने-दर-महीने सबसे तेज़ बढ़त दर्ज की। उसके रजिस्ट्रेशन 22.5% बढ़कर 29,936 हो गए, जिससे एथर से उसका फासला 6,504 से घटकर सिर्फ 1,859 यूनिट रह गया।
कभी बाज़ार की अगुवा रही ओला इलेक्ट्रिक की गिरावट जारी रही। उसके 12,096 वाहन रजिस्टर हुए, जो एक साल पहले से 26.4% कम और सितंबर से 10% कम हैं। उसकी हिस्सेदारी गिरकर 5.4% रह गई। छठे नंबर की ग्रीव्स इलेक्ट्रिक मोबिलिटी 10,838 के साथ अब उससे सिर्फ 1,258 यूनिट पीछे है।
बाज़ार कुछ बड़ी कंपनियों के हाथ में सिमटा है। पांच सबसे बड़ी कंपनियों का हिस्सा लगभग 82% रजिस्ट्रेशन में रहा और शीर्ष दस का करीब 94%, यानी बाकी सभी ब्रांड मिलाकर सिर्फ 13,544 वाहन।