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'वोट-चोरी यस पापा': रामलीला मैदान से ममता बनर्जी का भाजपा और सीईसी ज्ञानेश कुमार पर तंज, बोलीं एसआईआर पर नहीं झुकेंगी
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने दिल्ली की रैली में बच्चों की कविता को नारा बना दिया और कहा कि मतदाता सूची संशोधन से बंगाल के लोगों के साथ अन्याय हो रहा है।

मुख्य बातें
- ममता बनर्जी ने इंडिया गठबंधन की रैली में 'यस पापा' नारा लगवाया।
- उन्होंने कहा कि एसआईआर से बंगाल परेशान है और वह झुकेंगी नहीं।
- उन्होंने भाजपा पर पुलिस और एजेंसियों से राजनीति कराने का आरोप लगाया।
रविवार दोपहर रामलीला मैदान में ममता बनर्जी बच्चों की कविता लेकर पहुंचीं। चुनाव आयोग के खिलाफ इंडिया गठबंधन की रैली को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने भाजपा और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए भीड़ से ‘यस पापा’ का नारा लगवाया।
“वोट-चोरी यस पापा, लोकतंत्र चोरी यस पापा,” उन्होंने कहा। इशारा साफ था कि मुख्य चुनाव आयुक्त सत्ताधारी दल की हां में हां मिला रहे हैं और वोट व लोकतंत्र की चोरी भाजपा की शह पर हो रही है।
‘बंगाल परेशान है’
ममता ने सबसे तीखी बातें मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर कहीं। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया से पश्चिम बंगाल के लोगों के साथ अन्याय हो रहा है और वे परेशानी झेल रहे हैं। उनकी पार्टी पीछे नहीं हटेगी, और वह दबाव में नहीं झुकेंगी, चाहे निजी तौर पर कोई भी कीमत चुकानी पड़े।
उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि उसके पास अपना मजबूत संगठन नहीं है और वह राजनीतिक काम के लिए पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों का सहारा लेती है। उन्होंने राम जन्मभूमि के नाम पर जुटाए गए धन और वक्फ संपत्तियों पर भी सवाल उठाए, हालांकि ब्योरा नहीं दिया।
उन्होंने कहा कि इस लड़ाई का जवाब राजनीति और लोकतांत्रिक तरीकों से दिया जाएगा।
कांग्रेस से रिश्तों की ओर इशारा करते हुए ममता ने सोनिया गांधी को “नेता” और राहुल गांधी को “युवा नेता” कहा। तृणमूल और कांग्रेस के रिश्ते अक्सर तनाव भरे रहे हैं, ऐसे में मंच पर उनकी मौजूदगी दिन के सबसे साफ संकेतों में थी कि विपक्ष एकजुट दिखना चाहता है।
रैली मतदाता सूची संशोधन में नाम काटे जाने को लेकर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के लिए बुलाई गई थी। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी रैली को संबोधित किया। पुलिस ने मैदान में कार्यक्रम की अनुमति शाम 5 बजे तक दी थी।