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अमेरिकी मध्यावधि चुनाव: हाउस में डेमोक्रेट्स की जीत का अनुमान, सीनेट में भी बढ़त
अमेरिकी टीवी नेटवर्कों के अनुमान के मुताबिक प्रतिनिधि सभा में डेमोक्रेटिक पार्टी को बहुमत मिलेगा। सीनेट में पार्टी ने नॉर्थ कैरोलाइना और साउथ कैरोलाइना की सीटें छीन ली हैं और नियंत्रण के लिए उसे दो और सीटें चाहिए।

मुख्य बातें
- अमेरिकी नेटवर्कों का अनुमान है कि हाउस डेमोक्रेट्स जीतेंगे, हालांकि कई कड़े मुकाबलों का नतीजा बाकी है।
- एनी एंड्रयूज़ और रॉय कूपर ने रिपब्लिकन की दो सीनेट सीटें छीनीं।
- अलास्का, आयोवा, मिशिगन, मेन, ओहायो और टेक्सस सीनेट का फ़ैसला करेंगे।
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा यानी हाउस में डेमोक्रेटिक पार्टी के बहुमत का अनुमान है। अमेरिका के प्रमुख टीवी नेटवर्कों ने भारतीय समय के अनुसार बुधवार तड़के यह अनुमान जताया। इसके साथ जनवरी 2025 से कांग्रेस के दोनों सदनों पर चला आ रहा रिपब्लिकन नियंत्रण टूट जाएगा। हाउस में डेमोक्रेटिक नेता हकीम जेफ़्रीज़ नई कांग्रेस में स्पीकर बनने की कतार में हैं।
कई कड़े मुकाबलों के नतीजे अभी घोषित नहीं हुए हैं और सीटों की अंतिम संख्या उपलब्ध नहीं है। शुरुआती गिनती में डेमोक्रेट्स ने रिपब्लिकन से चार हाउस सीटें छीनी थीं। उन्होंने फ़्लोरिडा की वे तीन सीटें भी बचा लीं जिनकी सीमाएं रिपब्लिकन ने इसी साल दोबारा खींची थीं और जहां ट्रंप कम से कम 9 अंकों से जीते थे। चुनाव से पहले हाउस में रिपब्लिकन के पास 218 और डेमोक्रेट्स के पास 214 सीटें थीं; बहुमत के लिए 218 चाहिए।
सीनेट का झुकाव
बड़ा उलटफेर सीनेट में हुआ, जहां रिपब्लिकन 53-47 के बहुमत के साथ उतरे थे। साउथ कैरोलाइना में, जहां ट्रंप 2024 में करीब 18 अंकों से जीते थे, बाल रोग विशेषज्ञ एनी एंड्रयूज़ ने डारलीन ग्राहम को हराया, जिन्हें ट्रंप का समर्थन था। ग्राहम को उनके भाई सीनेटर लिंडसे ग्राहम के निधन के बाद यह सीट मिली थी। एंड्रयूज़ 1998 के बाद साउथ कैरोलाइना से सीनेट सीट जीतने वाली पहली डेमोक्रेट हैं।
नॉर्थ कैरोलाइना में पूर्व गवर्नर रॉय कूपर ने माइकल व्हॉटली को हराया। इन दो सीटों के साथ डेमोक्रेट्स ने सीनेट नियंत्रण के लिए ज़रूरी चार में से दो सीटें हासिल कर ली हैं। पार्टी ने जॉर्जिया भी बचाया, जहां जॉन ऑसॉफ़ ने रिपब्लिकन माइक कॉलिन्स को हराया, और न्यू हैम्पशायर में क्रिस पापास ने जॉन सुनुनु को मात दी।
ऑसॉफ़ ने समर्थकों से कहा, “अमेरिकी जनता ने राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रंप नाम के व्यक्ति की नैतिक गिरावट, भ्रष्टाचार और अक्षमता को नकार दिया है।”
फ़्लोरिडा में रिपब्लिकन सीनेटर ऐश्ली मूडी डेमोक्रेट एंजी निक्सन से करीब 3 अंक आगे थीं। अलास्का, आयोवा, मिशिगन, मेन, ओहायो और टेक्सस के मुकाबले अभी तय नहीं हुए हैं और यही तय करेंगे कि सीनेट किसके हाथ जाएगी।
ट्रंप पर फ़ैसला
ट्रंप ने समर्थकों से कहा था, “मान लीजिए मैं मतपत्र पर हूं।” मतदान से एक दिन पहले उन्होंने माना था कि व्हाइट हाउस वाली पार्टी अक्सर मध्यावधि चुनाव हारती है, “लेकिन हमने पूरी ताकत से कोशिश की।” ख़बर लिखे जाने तक उन्होंने हाउस के अनुमान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी। एग्ज़िट पोल के मुताबिक आधे मतदाताओं ने चुनाव को राष्ट्रपति को सबक सिखाने का मौका माना। ईरान युद्ध और महंगे ईंधन के बीच ट्रंप की लोकप्रियता अपने सबसे निचले स्तर के करीब है।
हाउस में बहुमत मिलने से डेमोक्रेट्स ट्रंप के कार्यकाल के आख़िरी दो साल में उनके विधेयक रोक सकेंगे, जांच शुरू कर सकेंगे और ख़र्च पर असर डाल सकेंगे।
भारतीय जुड़ाव
फ़्लोरिडा की 22वीं सीट पर भारतीय मूल की पिया दंडिया 51.9% वोट से जीतीं। उन्होंने मरीन के पूर्व सैनिक केसी अस्कर को हराया। हाई स्कूल की पूर्व प्रिंसिपल दंडिया अमेरिकी कांग्रेस में सबसे नई भारतीय-अमेरिकी सदस्य होंगी।
क़ानूनी जानकारों और डेमोक्रेट्स ने चेताया है कि रिपब्लिकन हारे तो ट्रंप नतीजों को चुनौती दे सकते हैं। न्याय विभाग ने मतदान केंद्रों पर 1,000 चुनाव निगरानीकर्ता भेजे थे, जिसे डेमोक्रेट्स ने डराने की कोशिश बताया।