राजनीतिराज्य
दीया मिर्जा लाउडस्पीकर पर भी वीडियो बनाएं: महाराष्ट्र के मंत्री संजय शिरसाट
बॉम्बे हाईकोर्ट के बीएमसी को अभिनेत्री का पर्यावरण अनुकूल दिवाली वीडियो बहाल करने के निर्देश के कुछ घंटे बाद शिवसेना मंत्री ने पूछा कि क्या उनमें सालभर चलने वाले शोर के खिलाफ बोलने की हिम्मत है।

मुख्य बातें
- मंत्री संजय शिरसाट ने कहा कि दीया मिर्जा को लाउडस्पीकर के शोर पर वीडियो बनाना चाहिए।
- उन्होंने पूछा कि पटाखों पर 'ज्ञान' क्यों दिया जाए।
- बॉम्बे हाईकोर्ट ने इससे पहले बीएमसी को वीडियो बहाल करने का निर्देश दिया था।
महाराष्ट्र के सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट मंगलवार रात दीया मिर्जा के दिवाली वीडियो विवाद में कूद पड़े। उन्होंने कहा कि अभिनेत्री को लाउडस्पीकर के शोर पर भी एक वीडियो बनाना चाहिए। उनका इशारा मस्जिदों के लाउडस्पीकरों की ओर माना जा रहा है।
शिवसेना के मंत्री ने मुंबई में पत्रकारों से कहा, “लोग जानते हैं कि पटाखे नहीं फोड़ने चाहिए, तो इस पर ‘ज्ञान’ क्यों देना? 365 दिन बजने वाले लाउडस्पीकर बंद होने चाहिए। क्या आपमें ऐसा करने की हिम्मत है? क्या इससे ध्वनि प्रदूषण नहीं होता?”
शिरसाट ने कहा कि समाज सुधारने की कोशिश के लिए मिर्जा श्रेय की हकदार हैं, लेकिन उन्हें अपने आसपास के मुद्दों पर भी ध्यान देना चाहिए। उन्होंने शिकायत की कि ऐसे सुझाव देने वाले को सांप्रदायिक कह दिया जाता है और कहा कि सभी धर्मों को संविधान का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा, “जो कानून हम पर लागू होता है, वह सब पर लागू होता है।” आदित्य ठाकरे की आलोचना पर उनका जवाब था, “आदित्य को क्या पता?”
अदालत का दखल
उनकी टिप्पणी बॉम्बे हाईकोर्ट के खुद मामले का संज्ञान लेने के कुछ घंटे बाद आई। जस्टिस गिरीश कुलकर्णी और जस्टिस नीला गोखले की पीठ ने वीडियो पर राजनीतिक आपत्तियों को लेकर “गहरी पीड़ा और नाराजगी” जताई, वीडियो को रंग देने को “बेहद दुर्भाग्यपूर्ण” बताया और बृहन्मुंबई महानगरपालिका को उसे फिर से अपलोड करने का निर्देश दिया।
मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमीत साटम की आपत्ति और महापौर ऋतु तावड़े के अभिनेत्री को “हिंदू विरोधी” कहने के बाद बीएमसी ने वीडियो हटा दिया था। माधुरी दीक्षित, निशिगंधा वाड और अजिंक्य रहाणे वाले अभियान वीडियो पूरे समय ऑनलाइन रहे। शिरसाट के बयान से साफ है कि अदालत की फटकार के बाद भी सत्तारूढ़ गठबंधन इस विवाद को ठंडा होने देने के मूड में नहीं है।