राजनीतिभाजपा बनाम कांग्रेस
स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी को कहा 'हमेशा इंतजार में बैठे युवराज', बोलीं, एसआईआर से पहले 56 चुनाव हारी कांग्रेस
मंगलवार को कोलकाता में भाजपा महासचिव ने कहा कि कांग्रेस अपने नेतृत्व के बजाय चुनाव आयोग को दोष देती है। उन्होंने मसौदा सूची से करीब 13 करोड़ नाम हटाए जाने का बचाव भी किया।

मुख्य बातें
- स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी को 'हमेशा इंतजार में बैठे युवराज' बताया, जो हार स्वीकार नहीं करते।
- उनके मुताबिक कांग्रेस 2014 से 2025 के बीच, एसआईआर शुरू होने से पहले, 56 विधानसभा चुनाव हारी।
- उन्होंने मसौदा सूची से बाहर नामों की संख्या करीब 13 करोड़ बताई, जिनमें ज्यादातर मृत, दोहरे या स्थान बदल चुके मतदाता हैं।
भाजपा ने मंगलवार शाम कोलकाता से राहुल गांधी पर निशाना साधा। राष्ट्रीय महासचिव स्मृति ईरानी ने लोकसभा में विपक्ष के नेता को “हमेशा इंतजार में बैठे युवराज” कहा, जो हार मानने को तैयार नहीं हैं।
पूर्व केंद्रीय मंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हमेशा इंतजार में बैठे युवराज हार स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं।” उनके मुताबिक नतीजे खिलाफ जाने के कारण ही गांधी चुनावों और संवैधानिक संस्थाओं की वैधता पर सवाल उठा रहे हैं।
‘अपने नेतृत्व को देखिए’
ईरानी ने कहा कि कांग्रेस 2014 से 2025 के बीच 56 विधानसभा चुनाव हारी, जबकि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) तो बहुत बाद में शुरू हुआ। उनका तर्क था कि पार्टी अपने नेतृत्व से कड़े सवाल पूछने के बजाय चुनाव आयोग को दोष दे रही है।
उन्होंने पुनरीक्षण का बचाव भी किया। उनके हिसाब से मसौदा सूची से करीब 13 करोड़ नाम बाहर रहे: लगभग 3 करोड़ मृत मतदाता, 1 करोड़ दोहरे नाम, करीब 3 करोड़ ऐसे लोग जो अपने पते पर नहीं मिले और लगभग 6 करोड़ जो कहीं और चले गए। उन्होंने कहा कि करीब 90 करोड़ मतदाताओं का 90 फीसदी सत्यापन पूरा हो चुका है। उन्होंने पूछा कि कांग्रेस और पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस दोहरे और अयोग्य नाम हटाने का विरोध क्यों कर रही हैं, और तृणमूल पर “घुसपैठियों” को बचाने का आरोप लगाया।
प्रदर्शन और लंदन
ईरानी ने कहा कि विपक्ष के प्रदर्शनों में 118 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए और विपक्षी दलों के करीब 20 लाख बूथ स्तरीय एजेंट इस प्रक्रिया में शामिल रहे। उन्होंने गांधी पर विदेश में भारत के खिलाफ बोलने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा, “राहुल गांधी लंदन जाकर कहते हैं कि वे मोदी को हराना चाहते हैं।”
यह हमला दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की रैली के दो दिन बाद हुआ है, जहां गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आयोग पर भाजपा की मदद करने का आरोप लगाया था।