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'तो राहुल गांधी भी अवैध नेता प्रतिपक्ष': संबित पात्रा ने इंडिया गठबंधन की रैली को फ्लॉप शो बताया
रामलीला मैदान में विपक्ष की रैली के कुछ घंटे बाद भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि जिसे 2024 का चुनाव अवैध लगता है, वह मंच पर नहीं, अदालत में जाए। उन्होंने हजारों कुर्सियां खाली रहने का दावा भी किया।

मुख्य बातें
- संबित पात्रा ने कहा कि अगर 2024 का चुनाव अवैध था तो राहुल गांधी अवैध नेता प्रतिपक्ष हैं।
- उन्होंने दावा किया कि दोपहर में रामलीला मैदान में 28,000 में से 5,000 से 7,000 कुर्सियां खाली थीं।
- पात्रा ने कहा कि ज्ञानेश कुमार 2024 के चुनाव के समय सीईसी नहीं थे, उन्होंने 2025 में पद संभाला।
भाजपा ने रविवार शाम इंडिया गठबंधन की रामलीला मैदान रैली पर पलटवार किया। राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने पत्रकारों से कहा कि अगर 2024 का चुनाव चुराए जाने का विपक्ष का दावा सही है, तो राहुल गांधी भी अवैध नेता प्रतिपक्ष हैं।
पुरी से लोकसभा सांसद पात्रा ने विपक्ष का मार्च खत्म होने के कुछ ही देर बाद नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “अगर 2024 का चुनाव अवैध था, तो राहुल गांधी भी अवैध नेता प्रतिपक्ष हैं और उनके सारे सांसद भी अवैध हैं।”
रैली में राहुल गांधी ने फिर आरोप लगाया था कि 2024 के लोकसभा चुनाव समेत कई चुनावों में धांधली हुई। उन्होंने भीड़ से कहा, “ज्ञानेश कुमार के बिना न नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनते, न अमित शाह गृह मंत्री।”
पात्रा ने कहा कि यह बहस अदालत में होनी चाहिए। उन्होंने कहा, “अगर चुनाव अवैध है, तो उसे अदालत में चुनौती दीजिए।” उन्होंने पूछा कि क्या राहुल गांधी, कांग्रेस या इंडिया गठबंधन के किसी दल ने 2024 के नतीजे के खिलाफ एक भी याचिका दायर की। “ढाई साल बाद रामलीला मैदान में आप किसी चुनाव को अवैध घोषित नहीं कर सकते।”
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 2024 का चुनाव जब हुआ, तब ज्ञानेश कुमार मुख्य चुनाव आयुक्त नहीं थे। कुमार ने 2025 में पद संभाला।
‘फ्लॉप शो’
पात्रा ने रैली को फ्लॉप शो और “अराजकता के तमाशे के सिवा कुछ नहीं” बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 10 लाख लोगों की बात की थी, लेकिन उनके हिसाब से दोपहर 3:30 से 4 बजे के बीच 28,000 में से 5,000 से 7,000 कुर्सियां खाली थीं और मैदान का करीब 40 प्रतिशत हिस्सा खाली पड़ा था।
उन्होंने कहा कि कई दलों को साथ लाने के बाद भी विपक्ष उतनी भीड़ नहीं जुटा पाया जितना उसने वादा किया था। अंत में उन्होंने देश के लोकतंत्र की बात की। उन्होंने कहा, “यह भारत भारत के लोगों का है,” और जोड़ा कि यह ऐसा लोकतंत्र है जिसमें एक चाय बेचने वाला प्रधानमंत्री बन सकता है।
रविवार शाम तक कांग्रेस ने पात्रा की टिप्पणियों पर कोई जवाब नहीं दिया था।