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राजनीतिराज्य

शुभेंदु अधिकारी बोले, एसआईआर का मतलब 'घुसपैठिया हटाओ, देश बचाओ', कोलकाता-हावड़ा चुनाव से पहले विपक्ष को चेताया

कॉलेज स्ट्रीट से एस्प्लेनेड तक भाजपा के जुलूस की अगुवाई करते हुए पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर राज्य को अस्थिर करने की कोशिश का आरोप लगाया और कहा कि नगर निगम चुनाव में जवाब मिलेगा।

संपादकीय डेस्क से · कोलकाताप्रकाशित
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी (फ़ाइल फ़ोटो)
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी (फ़ाइल फ़ोटो)Photo: মঞ্জুর আলম খান / Wikimedia Commons, CC BY-SA 4.0

मुख्य बातें

  1. शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि भाजपा के लिए एसआईआर का मतलब 'घुसपैठिया हटाओ, देश बचाओ' है।
  2. उन्होंने विपक्ष पर पश्चिम बंगाल में राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने की कोशिश का आरोप लगाया।
  3. उन्होंने कोलकाता और हावड़ा नगर निगम चुनाव में निर्णायक जवाब की चेतावनी दी।

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को मतदाता सूची के पुनरीक्षण को एक नया नारा दे दिया। मध्य कोलकाता के एस्प्लेनेड में एक रैली में उन्होंने कहा कि भाजपा के लिए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का मतलब “घुसपैठिया हटाओ, देश बचाओ” है।

अधिकारी ने यह बात कॉलेज स्ट्रीट से शहर के बीचों-बीच निकले भाजपा के “लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ” जुलूस की अगुवाई करने के बाद कही। उन्होंने विपक्षी दलों पर आरोप लगाया कि वे भ्रष्टाचार, परिवारवाद और तुष्टिकरण को बचाने के लिए पश्चिम बंगाल में राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।

फिर उन्होंने अगले मुकाबले की बात की। उन्होंने चेताया कि कोलकाता और हावड़ा नगर निगमों के आने वाले चुनाव में विपक्ष को निर्णायक राजनीतिक जवाब मिलेगा।

रामलीला मैदान के अगले दिन जुलूस

यह जुलूस उसके एक दिन बाद निकला जब तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की रैली में कहा था कि एसआईआर की वजह से बंगाल के लोग परेशान हैं और वह झुकेंगी नहीं। विपक्ष के “वोट चोरी” अभियान का जवाब भाजपा अपने “लोकतंत्र बचाओ” जुलूसों से दे रही है, और सोमवार को कोलकाता में राज्य इकाई की बारी थी।

पुनरीक्षण अब नगर निगम चुनाव का भी बड़ा मुद्दा है। 9 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में वकीलों ने बताया था कि बंगाल के एसआईआर में नाम कटने वाले मतदाताओं की करीब 1.70 लाख अपीलें कोलकाता और हावड़ा से लंबित हैं, और नगर निगम चुनाव की अधिसूचना नवंबर के मध्य तक आ सकती है।

सोमवार रात तक तृणमूल ने मुख्यमंत्री की टिप्पणियों पर कोई जवाब नहीं दिया था।