खेलबैडमिंटन
15 साल की तन्वी पात्री ने यूथ ओलंपिक में रजत जीतकर रचा इतिहास
डकार में महिला एकल फाइनल में चीन की विश्व जूनियर चैंपियन झांग यी शिन से 82 मिनट के मुकाबले में हारकर तन्वी ने रजत पदक जीता। निर्णायक गेम 24-26 से गया।

मुख्य बातें
- तन्वी पात्री ने डकार यूथ ओलंपिक में महिला एकल का रजत पदक जीता।
- फाइनल में वह चीन की झांग यी शिन से 21-15, 13-21, 24-26 से हारीं।
- वह यूथ ओलंपिक में बैडमिंटन पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला हैं।
पंद्रह साल की तन्वी पात्री ने गुरुवार, 5 नवंबर 2026 को डकार में यूथ ओलंपिक खेलों में महिला एकल का रजत पदक जीत लिया। इसके साथ वह इन खेलों में बैडमिंटन पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गईं। रोमांचक फाइनल में चीन की मौजूदा विश्व जूनियर चैंपियन झांग यी शिन ने उन्हें एक घंटे 22 मिनट में 21-15, 13-21, 24-26 से हराया।
तन्वी की शुरुआत धीमी रही, लेकिन 3-5 से पिछड़ने के बाद लगातार सात अंक जीतकर उन्होंने 10-5 की बढ़त बनाई और पहला गेम 25 मिनट में अपने नाम किया। दूसरे गेम में भी वह शुरू में 4-0 से आगे थीं, पर हवा के बहाव ने उनके क्लियर बिगाड़ दिए। ब्रेक के बाद झांग ने खेल पर पकड़ बना ली और मुकाबला निर्णायक गेम तक ले गईं।
तीसरे गेम में झांग ने क्रॉस-कोर्ट ड्रॉप के दम पर 19-10 की बढ़त बना ली। तन्वी ने वापसी करते हुए स्कोर 19-15 किया, लेकिन क्रॉस-कोर्ट स्मैश की एक गलती से झांग को पांच मैच प्वाइंट मिल गए। भारतीय खिलाड़ी ने पांचों मैच प्वाइंट बचाए और खुद तीन बार स्वर्ण जीतने के करीब पहुंचीं, पर झांग ने संयम रखते हुए गेम 26-24 से जीत लिया।
तन्वी से पहले सिर्फ दो भारतीयों ने यूथ ओलंपिक में व्यक्तिगत बैडमिंटन पदक जीता था, दोनों पुरुष और दोनों रजत: 2010 में एचएस प्रणय और 2018 में लक्ष्य सेन। लक्ष्य ने उसी साल आठ देशों के खिलाड़ियों वाली मिश्रित टीम के साथ स्वर्ण भी जीता था।
भारतीय बैडमिंटन संघ ने इस उपलब्धि की सराहना की। संघ के महासचिव ने कहा, “तन्वी पात्री ने यूथ ओलंपिक खेलों में ऐतिहासिक उपलब्धि से पूरे देश को गौरवान्वित किया है।” उन्होंने कहा, “सिर्फ 15 साल की उम्र में रजत पदक जीतना असाधारण उपलब्धि है।”
यह बेहद कम अंतर का फाइनल था। तन्वी विश्व जूनियर चैंपियन के खिलाफ एक गेम से आगे थीं, उन्होंने पांच मैच प्वाइंट बचाए और तीन बार स्वर्ण से एक अंक दूर रहीं, लेकिन निर्णायक गेम 24-26 से हाथ से निकल गया।