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अर्थव्यवस्थाबाजार

रुपया 52 पैसे उछलकर 93.89 पर, अप्रैल के बाद सबसे मजबूत बंद; विदेशी पैसे की बाढ़

विदेशी निवेशकों की लगातार खरीदारी से शुक्रवार को रुपये ने हफ्तों की सबसे अच्छी बढ़त दर्ज की। एक दिन पहले उन्होंने करीब छह साल की सबसे बड़ी एकदिनी खरीद की थी। निफ्टी बैंक आठ महीने के ऊंचे स्तर पर बंद हुआ।

संपादकीय डेस्क से · मुंबईप्रकाशित
भुवनेश्वर में भारतीय रिज़र्व बैंक का कार्यालय (फ़ाइल फ़ोटो)
भुवनेश्वर में भारतीय रिज़र्व बैंक का कार्यालय (फ़ाइल फ़ोटो)Subhrasingh / विकिमीडिया

मुख्य बातें

  1. शुक्रवार को रुपया डॉलर के मुकाबले 52 पैसे चढ़कर 93.89 पर अस्थायी रूप से बंद हुआ।
  2. विदेशी निवेशकों ने गुरुवार को ₹14,974.68 करोड़ के शेयर खरीदे, करीब छह साल में सबसे ज्यादा।
  3. निफ्टी बैंक सूचकांक 2.27% चढ़कर आठ महीने के ऊंचे स्तर पर पहुंचा।

शुक्रवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 52 पैसे चढ़कर 93.89 पर बंद हुआ। यह अप्रैल के बाद इसका सबसे मजबूत बंद स्तर है। विदेशी निवेशकों का भारतीय शेयरों में पैसा लगाना जारी रहा।

अंतरबैंक बाजार में रुपया 94.50 पर खुला, जो गुरुवार के 94.41 के बंद स्तर से कमजोर था, लेकिन दिनभर शेयर बाजार की तेजी के साथ यह संभल गया। कारोबार खत्म होने पर यह अस्थायी रूप से 93.89 पर टिका। गुरुवार को भी इसमें हल्की बढ़त रही थी।

विदेशी खरीदार लौटे

यह बढ़त विदेशी खरीदारी के एक असाधारण दिन के बाद आई। एक्सचेंज के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने गुरुवार को ₹14,974.68 करोड़ के भारतीय शेयर खरीदे, जो करीब छह साल में एक दिन की सबसे बड़ी शुद्ध खरीद है। घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने उलटा ₹10,444.54 करोड़ के शेयर बेचकर मुनाफा वसूला।

इस पैसे का असर बैंक शेयरों में दिखा। निफ्टी बैंक सूचकांक शुक्रवार को 2.27% चढ़कर आठ महीने के ऊंचे स्तर पर बंद हुआ, और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज 2.57% की बढ़त के साथ सबसे आगे रहा। सेंसेक्स और निफ्टी लगातार सातवें दिन ऊपर बंद हुए; सेंसेक्स 1,718 अंक चढ़ा।

रुपया और निवेश प्रवाह, 6 नवंबर 2026

  • 93.89 रुपया प्रति डॉलरअस्थायी बंद, 94.41 से 52 पैसे ऊपर
  • ₹14,974.68 करोड़ विदेशी खरीद5 नवंबर को एफआईआई की शुद्ध खरीद
  • ₹10,444.54 करोड़ घरेलू बिकवाली5 नवंबर को डीआईआई की शुद्ध बिक्री

डीलरों की नजर

मिरे एसेट शेयरखान के रिसर्च एनालिस्ट अनुज चौधरी ने कहा कि घरेलू शेयरों की मजबूती, बढ़ते विदेशी निवेश और अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के बाद कमजोर डॉलर के सहारे रुपये का रुख सकारात्मक बना रह सकता है। उनके मुताबिक डॉलर 93.65 से 94.20 रुपये के दायरे में रह सकता है।

उन्होंने जोखिम भी गिनाए। उनका कहना था कि यूक्रेन-रूस तनाव और पश्चिम एशिया में हमले रुपये की बढ़त को सीमित कर सकते हैं, और कारोबारी अगले संकेत के लिए शुक्रवार को आने वाली अमेरिकी रोजगार रिपोर्ट पर नजर रखेंगे।

घरेलू बाजार की यह तेजी विदेशों के खराब दिन के बीच आई। एआई पर खर्च को लेकर चिंताओं से गुरुवार को न्यूयॉर्क में टेक शेयर बुरी तरह गिरे, और शुक्रवार सुबह सोल और टोक्यो के बाजार भी तेजी से फिसले। आते विदेशी पैसे के दम पर भारतीय शेयर और रुपया इस बिकवाली से बेअसर रहे।