दुनियापश्चिम एशिया
जंग की आशंका में ईरान ने बिजली ग्रिड की तैयारी शुरू की, अमेरिका बोला अगस्त से नया तेल नहीं लदा
ईरान के नागरिक सुरक्षा प्रमुख ने 14 ऐसे क्षेत्र गिनाए जिन्हें लड़ाई दोबारा शुरू होने पर बचाना होगा। अमेरिकी वित्त मंत्रालय के आकलन में ईरान की अर्थव्यवस्था को पंगु, पर ढहने से दूर बताया गया।

मुख्य बातें
- ईरान के नागरिक सुरक्षा प्रमुख के मुताबिक जंग लौटी तो बिजली पर निर्भर 14 क्षेत्रों को मदद चाहिए होगी।
- अमेरिकी वित्त मंत्रालय की रिपोर्ट कहती है कि 25 अगस्त से ईरानी टर्मिनलों पर कोई नया तेल नहीं लदा।
- होर्मुज खोलने की ईरान की पेशकश की मियाद अब सात से घटकर दो दिन रह गई है।
ईरान अपने बिजली नेटवर्क को दोबारा जंग के लिए तैयार कर रहा है। नेशनल पैसिव डिफेंस ऑर्गनाइजेशन के प्रमुख ब्रिगेडियर जनरल गुलामरज़ा जलाली ने रविवार को कहा कि लड़ाई फिर शुरू हुई तो बिजली पर निर्भर 14 क्षेत्रों को सहारे की ज़रूरत होगी। उन्होंने बताया कि “नेटवर्क आइलैंडिंग” पर विचार हो रहा है, यानी ग्रिड को ऐसे हिस्सों में बांटना जो अपने दम पर चल सकें।
सरकारी टीवी ने रविवार को भूमिगत भंडारों से हथियार बाहर निकाले जाने का फुटेज दिखाया। सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई के शनिवार को “अधिकतम प्रतिरोध” के आह्वान के बाद सशस्त्र बलों, रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स और सेना के प्रमुखों ने तनाव बढ़ने पर मिसाइल और ड्रोन हमलों के लिए तैयार होने की बात कही।
नाकेबंदी में घिरी अर्थव्यवस्था
अमेरिकी वित्त मंत्रालय के हालिया आकलन के मुताबिक 25 अगस्त के बाद से ईरानी टर्मिनलों पर टैंकरों में कोई नया तेल नहीं लदा है। रिपोर्ट में सितंबर में ईरान की महंगाई करीब 90% बताई गई और अर्थव्यवस्था को “पंगु” कहा गया, हालांकि ढहने के करीब नहीं।
समुद्र में हमले जारी हैं। ब्रिटेन के मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (यूकेएमटीओ) केंद्र ने बताया कि शनिवार को लावान द्वीप से करीब 40 समुद्री मील दक्षिण में एक एलपीजी जहाज पर तीन ईरानी प्रोजेक्टाइल दागे गए। शुक्रवार और शनिवार को कम से कम चार टैंकरों पर हमले की खबर है।
कूटनीति का रास्ता अब भी खुला
विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने होर्मुज जलडमरूमध्य को आंशिक रूप से खोलने की पेशकश की मियाद सात से घटाकर दो दिन कर दी है, बशर्ते वॉशिंगटन ईरान की शर्तें माने: नौसैनिक नाकेबंदी हटे, तेल प्रतिबंधों में छूट मिले, विदेशों में जमा संपत्ति खुले और लेबनान समेत सभी मोर्चों पर लड़ाई रुके। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि बातचीत “ठीक” चल रही है, पर ईरान के नेताओं को “भरोसेमंद” नहीं बताया।
सेंटर फॉर इंटरनेशनल पॉलिसी की नेगार मोर्तज़ावी ने कहा कि अमेरिका की सौदे में दिलचस्पी के संकेत हैं। उनके शब्दों में, “हर पक्ष चाहता है कि पहले दूसरा कदम उठाए।”
भारत के लिए दांव पर उसके नाविक और ईंधन हैं। भारतीय चालक दल पहले ही इन हमलों की चपेट में आ चुके हैं: 11 अक्टूबर को ओमान के पास टैंकर एमटी पेट्रो डॉल्फिन पर ड्रोन हमले के बाद दो भारतीय लापता हैं।