राज्यओडिशा
माझी ने 2,067 सेवकों और जनजातीय भाषा शिक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपे
ओडिशा के मुख्यमंत्री ने रविवार को भुवनेश्वर में नए भर्ती हुए शिक्षकों से कहा कि वे दोस्त की तरह बच्चों का मार्गदर्शन करें और उनमें सुरक्षा और आत्मविश्वास जगाएं।

मुख्य बातें
- मोहन चरण माझी ने रविवार को 2,067 नए कर्मियों को नियुक्ति पत्र दिए।
- सरकार के मुताबिक जून 2024 से 48,642 लोगों की भर्ती हुई है, जिनमें 28,693 शिक्षक हैं।
- उन्होंने कहा कि ओडिशा के स्कूलों में अब 10 जनजातीय भाषाओं में पढ़ाई होती है।
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने रविवार को 2,067 सेवकों, सेविकाओं और जनजातीय भाषा शिक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपे और उनसे कहा कि वे कक्षा में बच्चों के साथ एक दोस्त की तरह खड़े रहें।
ये कर्मी अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति विकास, अल्पसंख्यक और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के स्कूलों में काम करेंगे। माझी ने कहा कि उनका पहला काम बच्चों में सुरक्षा और आत्मविश्वास जगाना है।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार 2024 के विधानसभा चुनाव से पहले किया गया वादा निभाते हुए खाली पद चरणबद्ध तरीके से भर रही है। जून 2024 में भर्ती अभियान शुरू होने के बाद से 48,642 लोगों को नौकरी मिली है, जिनमें 28,693 शिक्षक हैं।
ओडिशा की आबादी में अनुसूचित जाति और जनजाति का हिस्सा करीब 40 प्रतिशत है। माझी ने कहा कि सरकार ने उनका शिक्षा स्तर सुधारने के लिए खास कदम उठाए हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप राज्य प्राथमिक स्तर पर मातृभाषा में पढ़ाई पर ज़ोर देता है और स्कूलों में अब 10 जनजातीय भाषाओं में शिक्षा दी जाती है।
उन्होंने चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि मध्याह्न भोजन जैसी योजनाओं में गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और शिक्षकों से सतर्क रहने तथा पेशे की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले किसी भी आचरण से बचने को कहा।
अनुसूचित जाति और जनजाति विकास मंत्री नित्यानंद गोंड ने कहा कि पढ़ाना “सिर्फ़ नौकरी नहीं, बल्कि एक महान सेवा है।” उन्होंने कहा, “आप राष्ट्र निर्माता हैं और हमारे देश को आप पर गर्व है।”
गोंड ने कहा कि विकसित भारत और समृद्ध ओडिशा का सपना ऐसे स्कूलों पर टिका है जो अच्छे इंसान गढ़ें।