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दुनियाअमेरिकी मध्यावधि चुनाव

मध्यावधि चुनाव के पहले नतीजे: जॉर्जिया में ऑसॉफ ने सीट बचाई

डेमोक्रेट जॉन ऑसॉफ ने सीनेट सीट बरकरार रखी, यह रात का पहला बड़ा फैसला है। शुरुआती गिनती में कई रिपब्लिकन सीटों पर डेमोक्रेट आगे, पर कांग्रेस का नियंत्रण अभी तय नहीं।

संपादकीय डेस्क से · वॉशिंगटनप्रकाशित
जॉर्जिया के अमेरिकी सीनेटर जॉन ऑसॉफ (फ़ाइल फ़ोटो)
जॉर्जिया के अमेरिकी सीनेटर जॉन ऑसॉफ (फ़ाइल फ़ोटो)Photos: UNC - CFC - USFK / Wikimedia Commons; Shealeah Craighead / Wikimedia Commons, CC BY 2.5, Public domain

मुख्य बातें

  1. ऑसॉफ ने रिपब्लिकन माइक कॉलिन्स को हराकर अपनी सीट बचाई, कॉलिन्स मौजूदा सांसद हैं।
  2. शुरुआती गिनती में रिपब्लिकन सीटों पर डेमोक्रेट आगे हैं, देश के ज्यादातर हिस्सों में गिनती जारी है।
  3. चुनाव से पहले सीनेट में रिपब्लिकन 53-47 और हाउस में 218-214 से आगे थे।

डेमोक्रेटिक सीनेटर जॉन ऑसॉफ जॉर्जिया से दोबारा जीत गए हैं। मध्यावधि चुनाव की रात का यह पहला बड़ा फैसला है। इसी रात तय होगा कि डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के आखिरी दो साल में अमेरिकी कांग्रेस किसके हाथ में रहेगी।

जॉर्जिया उन तीन डेमोक्रेटिक सीनेट सीटों में से था जिन्हें रिपब्लिकन जीतने लायक मान रहे थे, बाकी दो मिशिगन और न्यू हैम्पशायर हैं। यह सीट बचाकर डेमोक्रेट्स ने वह जमीन बचा ली है जिसके बिना दूसरी जगह बढ़त का कोई मतलब नहीं था।

हाउस की शुरुआती गिनती में कई रिपब्लिकन सीटों पर डेमोक्रेट आगे दिखे, हालांकि पूर्वी राज्यों में पहले मतदान केंद्र बंद होने के समय तक बहुत कम वोट गिने गए थे। पश्चिमी तट समेत देश के बड़े हिस्से में मतदान चल ही रहा था।

चुनाव से पहले सीनेट में रिपब्लिकन 53-47 से और हाउस में 218-214 से आगे थे, दो सीटें खाली थीं। रिपब्लिकन के कब्जे वाली जिन सीनेट सीटों पर नजर है, वे हैं अलास्का, आयोवा, कैनसस, मेन, नॉर्थ कैरोलिना, ओहायो, साउथ कैरोलिना और टेक्सास, जहां डेमोक्रेट जेम्स टालारिको का मुकाबला रिपब्लिकन केन पैक्सटन से है। अलास्का में रैंक्ड-चॉइस वोटिंग होती है, वहां नतीजे में कई दिन लग सकते हैं।

ट्रंप ने सोमवार को अपने समर्थकों से माना था कि इतिहास उनके खिलाफ है। उन्होंने कहा, “किसी वजह से मौजूदा राष्ट्रपति मध्यावधि चुनाव नहीं जीतता। लेकिन हमने पूरी ताकत से कोशिश की।”

भारत के लिए, डेमोक्रेटिक हाउस का मतलब होगा ट्रंप के व्यापार और टैरिफ एजेंडे पर अंकुश, जिस पर नई दिल्ली की करीबी नजर है, और ईरान युद्ध नीति पर भी। हाउस की साफ तस्वीर भारतीय समय के हिसाब से बुधवार को दिन भर में सामने आने की उम्मीद है।