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रेन इंडस्ट्रीज को जुलाई-सितंबर में ₹243 करोड़ का मुनाफा, 50 पैसे का लाभांश घोषित
हैदराबाद के कार्बन और रसायन समूह ने तिमाही में ₹5,486 करोड़ की आय दर्ज की और दूसरे अंतरिम लाभांश के लिए 13 नवंबर को रिकॉर्ड तारीख तय की।

मुख्य बातें
- जुलाई-सितंबर में समेकित शुद्ध मुनाफा ₹243.28 करोड़ रहा।
- समेकित परिचालन आय ₹5,485.90 करोड़ रही।
- बोर्ड ने 50 पैसे प्रति शेयर का दूसरा अंतरिम लाभांश घोषित किया, रिकॉर्ड तारीख 13 नवंबर।
कार्बन उत्पाद और रसायन बनाने वाली हैदराबाद की कंपनी रेन इंडस्ट्रीज ने शुक्रवार शाम जुलाई से सितंबर के लिए ₹243.28 करोड़ का समेकित शुद्ध मुनाफा दर्ज किया और बोर्ड ने साल का दूसरा अंतरिम लाभांश घोषित किया।
तिमाही में समेकित परिचालन आय ₹5,485.90 करोड़ रही और कर से पहले मुनाफा ₹358.02 करोड़। कुल व्यापक आय, जिसमें विदेशी कारोबार पर मुद्रा के उतार-चढ़ाव जैसे वे लाभ-हानि भी गिने जाते हैं जो लाभ-हानि खाते से नहीं गुजरते, ज्यादा यानी ₹352.30 करोड़ रही।
रेन जनवरी से दिसंबर का वित्त वर्ष मानती है, इसलिए ये उसके 2026 की तीसरी तिमाही के नतीजे हैं। बोर्ड ने 30 सितंबर तक के नौ महीनों के आंकड़ों को भी मंजूरी दी।
लाभांश
बोर्ड ने ₹2 अंकित मूल्य वाले हर शेयर पर 50 पैसे का दूसरा अंतरिम लाभांश घोषित किया, यानी 25%। शुक्रवार, 13 नवंबर को कंपनी के रिकॉर्ड में दर्ज शेयरधारकों को यह मिलेगा।
मूल कंपनी और समूह
रेन का ज्यादातर कारोबार उसकी सहायक कंपनियों में है, जो कैल्सिन्ड पेट्रोलियम कोक, कोल टार पिच और दूसरे कार्बन व रसायन उत्पाद बनाती हैं। इनका इस्तेमाल एल्युमिनियम स्मेल्टर, इस्पात संयंत्र और दूसरे उद्योग करते हैं, और यूरोप व उत्तरी अमेरिका में इनका बड़ा कामकाज है। मूल कंपनी की अपनी परिचालन आय सिर्फ ₹23.32 करोड़ रही, लेकिन बिक्री के अलावा मिली आय के सहारे उसका स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा ₹34.79 करोड़ रहा।
ऑडिटर एस.आर. बाटलीबॉय एंड एसोसिएट्स ने नतीजों की सीमित समीक्षा में बिना किसी शर्त वाली राय दी।