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मुनाफे में 41% उछाल के बाद रिलायंस के शेयर 6% से ज़्यादा चढ़कर ₹1,237 पर
सोमवार को कारोबार के पहले आधे घंटे में मुकेश अंबानी की कंपनी सेंसेक्स पर सबसे ज़्यादा चढ़ने वाला शेयर रही। रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल कारोबार की ज़ोरदार कमाई ने रिटेल मुनाफे की गिरावट पर पर्दा डाल दिया।

मुख्य बातें
- सुबह 9:41 बजे रिलायंस का शेयर 6.22% चढ़कर ₹1,237.30 पर पहुंचा।
- सितंबर तिमाही में शेयरधारकों के हिस्से का मुनाफा 41% बढ़कर ₹25,548 करोड़ रहा।
- ऑयल-टू-केमिकल्स का एबिटा 68% चढ़ा, जबकि रिटेल मुनाफा 24.3% घटा।
नतीजों के बाद पहले कारोबारी सत्र में सोमवार सुबह रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के शेयर 6% से ज़्यादा उछल गए। कंपनी ने तेल और केमिकल कारोबार के दम पर सितंबर तिमाही में मुनाफे में तेज़ बढ़ोतरी दिखाई है।
एनएसई पर सुबह 9:41 बजे शेयर 6.22% चढ़कर ₹1,237.30 के दिन के ऊंचे स्तर पर पहुंचा। शुरुआती मिनटों से ही यह सेंसेक्स पर सबसे ज़्यादा चढ़ने वाला शेयर रहा और सूचकांक को करीब 1,000 अंक ऊपर ले जाने में इसका बड़ा हाथ रहा। नतीजों से पहले इस साल शेयर करीब 24% गिर चुका था।
शेयरधारकों के हिस्से का मुनाफा 41% बढ़कर ₹25,548 करोड़ रहा, जो एक साल पहले ₹18,165 करोड़ और जून तिमाही में ₹20,946 करोड़ था। एबिटा, यानी मूल्यह्रास से पहले का परिचालन मुनाफा, 24% बढ़कर ₹62,409 करोड़ हो गया।
सबसे बड़ा योगदान ऑयल-टू-केमिकल्स कारोबार का रहा, जहां ऊर्जा की ऊंची कीमतों की मदद से एबिटा 68% चढ़ा। रिटेल कारोबार की तस्वीर उलटी रही: सकल आय 6.4% बढ़ी, लेकिन रिलायंस रिटेल का शुद्ध मुनाफा 24.3% घट गया।
पिछले हफ्ते लिस्ट हुई टेलीकॉम और डिजिटल इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स ने, जिसमें रिलायंस की करीब 66.4% हिस्सेदारी है, लिस्टेड कंपनी के तौर पर अपने पहले नतीजे जारी किए। इसका मुनाफा 14% बढ़कर ₹8,389 करोड़ रहा, आय ₹47,485 करोड़ रही और प्रति ग्राहक औसत आय ₹218.8 रही। ब्रोकरेज मोतीलाल ओसवाल ने शेयर का लक्ष्य बढ़ाकर ₹1,515 कर दिया। उसने एक नोट में कहा, “हम जेपीएल पर ₹1,515 के संशोधित लक्ष्य के साथ अपनी ‘खरीदें’ रेटिंग दोहराते हैं।”
सोमवार को कच्चे तेल के सस्ते होने से पूरे ऊर्जा क्षेत्र को सहारा मिला और शुरुआती कारोबार में निफ्टी ऑयल एंड गैस सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा।