अर्थव्यवस्थाबाज़ार
सेंसेक्स की बढ़त 1,030 अंक तक पहुंची, एक चौथाई तेज़ी अकेले रिलायंस से
सुबह के कारोबार में बीएसई सूचकांक 75,489.70 और निफ्टी 23,330.70 तक पहुंचे। मेटल शेयरों की अगुवाई में चौतरफा खरीदारी हुई, विदेशी निवेशक लौटे और फार्मा को छोड़ हर सेक्टर हरे निशान में रहा।

मुख्य बातें
- सेंसेक्स 1,030 अंक तक चढ़कर 75,489.70 पर पहुंचा, निफ्टी 23,330.70 तक गया।
- करीब 7% चढ़े रिलायंस इंडस्ट्रीज़ ने सेंसेक्स की बढ़त में लगभग 400 अंक जोड़े।
- निफ्टी मेटल सूचकांक करीब 1.5% चढ़कर सबसे आगे रहा; सिर्फ फार्मा में गिरावट।
सोमवार को शेयर बाज़ार सुबह भर चढ़ता रहा। रिलायंस इंडस्ट्रीज़, मेटल शेयरों और विदेशी निवेशकों की वापसी के दम पर सेंसेक्स की बढ़त 1,000 अंक के पार निकल गई।
सेंसेक्स 1,030 अंक यानी 1.38% तक चढ़कर 75,489.70 पर पहुंचा। यह लगातार तीसरे दिन की बढ़त है। निफ्टी 50 भी 278 अंक यानी 1.20% तक उछलकर 23,330.70 पर गया। दोनों सूचकांक सुबह 9:15 बजे बढ़त के साथ खुले थे और पहले घंटे में और चढ़े। निफ्टी मिडकैप 100 और स्मॉलकैप 100 में करीब 0.9% की तेज़ी रही।
रिलायंस ने खींचा बाज़ार
उम्मीद से बेहतर तिमाही नतीजों के बाद करीब 7% चढ़े रिलायंस इंडस्ट्रीज़ ने सेंसेक्स की बढ़त में लगभग 400 अंक, यानी करीब एक चौथाई, का योगदान दिया। डेल्हीवरी करीब 9% उछला और मुथूट फाइनेंस 52 हफ्ते के निचले स्तर से करीब 9% संभला।
फार्मा को छोड़कर सभी सेक्टर सूचकांक हरे निशान में रहे। निफ्टी मेटल करीब 1.5% चढ़कर सबसे आगे रहा, जबकि एफएमसीजी, पीएसयू बैंक और रियल्टी में 1% से ज़्यादा की बढ़त रही। आईटी सूचकांक करीब 0.8% ऊपर रहा।
सस्ते कच्चे तेल ने भी माहौल सुधारा। अमेरिका-ईरान संघर्ष खत्म करने की बातचीत जारी रहने के बीच ब्रेंट क्रूड करीब 3% गिरकर लगभग 110 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जो पिछले हफ्ते करीब 118 डॉलर के शिखर पर था। हफ्तों की बिकवाली के बाद विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने पिछले हफ्ते कैश मार्केट में ₹6,300 करोड़ के शेयर खरीदे।
क्या बाज़ार का रुख बदल रहा है?
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार ने कहा, “सकारात्मक बाहरी और घरेलू संकेतों के सहारे भारतीय बाज़ार में बदलाव के साफ संकेत हैं।” उन्होंने कहा, “एआई ट्रेड में कमज़ोरी का रुझान भारत के लिए फायदेमंद है, जिसे व्यापक रूप से एआई के उलट दांव माना जाता है।”
कोटक नियो में इक्विटी रिसर्च प्रमुख श्रीकांत चौहान ने गिरावट पर खरीदने और तेज़ी में मुनाफा वसूलने की सलाह दी। उनके मुताबिक निफ्टी को 22,800 पर सहारा है, और उसके बाद करीब 22,600 पर।