अर्थव्यवस्थाबाज़ार
सेंसेक्स 970 अंक उछला, निफ्टी 23,300 के पार; कच्चा तेल नरम, रिलायंस में ज़ोरदार तेज़ी
सोमवार को शेयर बाज़ार ने बढ़त के साथ शुरुआत की और पहले घंटे में चढ़ता रहा। ईरान-कतर बातचीत से ब्रेंट क्रूड 111 डॉलर से नीचे आया और सितंबर तिमाही के नतीजों के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के शेयर 6% से ज़्यादा चढ़े।

मुख्य बातें
- सुबह 10 बजे सेंसेक्स 970 अंक चढ़कर 75,429.53 पर था और निफ्टी 23,313.20 पर।
- रिलायंस इंडस्ट्रीज़ 6.22% तक चढ़कर सबसे आगे रही।
- शुरुआती 40 मिनट में निवेशकों की संपत्ति ₹3.6 लाख करोड़ बढ़ी।
सोमवार को भारतीय शेयर बाज़ार तेज़ बढ़त के साथ खुले और पहले घंटे में बढ़त और बढ़ाई। कच्चे तेल के दाम गिरने और रिलायंस इंडस्ट्रीज़ के मज़बूत नतीजों ने शुक्रवार को अमेरिकी टेक शेयरों में आई भारी गिरावट का असर बेअसर कर दिया।
सुबह 10 बजे तक सेंसेक्स 970 अंक यानी 1.30% चढ़कर 75,429.53 पर था और निफ्टी 50 260.10 अंक यानी 1.13% बढ़कर 23,313.20 पर पहुंच गया। प्री-ओपन सत्र में निफ्टी 169 अंक ऊपर 23,222 पर बंद हुआ था और सुबह 9:15 बजे कारोबार शुरू होने के बाद लगातार चढ़ता रहा। कारोबार शुरू होने के 40 मिनट के भीतर बीएसई पर लिस्टेड सभी कंपनियों का कुल बाज़ार मूल्य करीब ₹3.6 लाख करोड़ बढ़कर ₹478.9 लाख करोड़ हो गया।
तेल से मिली राहत
सबसे बड़ा सहारा कच्चे तेल से मिला। शुरुआती कारोबार में ब्रेंट 2.7% गिरकर 110.37 डॉलर प्रति बैरल पर था और अमेरिकी क्रूड 2.9% गिरकर 101.12 डॉलर पर आ गया। ईरान और कतर खाड़ी में युद्ध खत्म करने के रास्ते पर बातचीत जारी रखे हुए हैं। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि बातचीत आगे बढ़ रही है, लेकिन किसी नतीजे पर नहीं पहुंची है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कह चुके हैं कि मंगलवार के मध्यावधि चुनाव से पहले अमेरिका ईरान पर नए हमले नहीं करेगा, हालांकि उसके बाद कार्रवाई से उन्होंने इनकार नहीं किया है।
भारत अपनी ज़रूरत का ज़्यादातर तेल आयात करता है, इसलिए दाम में हर डॉलर की कमी से आयात बिल और रुपये पर दबाव घटता है। डॉलर के मुकाबले रुपया 7 पैसे मज़बूत होकर 94.89 पर खुला, जबकि शुक्रवार को यह 94.96 पर बंद हुआ था।
रिलायंस आगे, फार्मा पीछे
दोनों सूचकांकों पर रिलायंस इंडस्ट्रीज़ सबसे ज़्यादा चढ़ने वाला शेयर रहा। कंपनी ने शेयरधारकों के हिस्से के तिमाही मुनाफे में 41% बढ़ोतरी दिखाई, जिसके बाद शेयर 6.22% चढ़कर ₹1,237.30 के दिन के ऊंचे स्तर पर पहुंचा। टाटा स्टील और एनटीपीसी 3% से ज़्यादा चढ़े, जबकि मैक्स हेल्थकेयर और मारुति सुज़ुकी में 2.5% से 3% की बढ़त रही।
तिमाही मुनाफे में 36% गिरावट दिखाने के बाद सन फार्मास्युटिकल इंडस्ट्रीज़ करीब 1.5% फिसला। अपोलो हॉस्पिटल्स, इंफोसिस और टेक महिंद्रा भी नीचे रहे। सेक्टरों में निफ्टी ऑयल एंड गैस करीब 2.4% चढ़ा, जो सबसे ज़्यादा था, जबकि निफ्टी पीएसयू बैंक, मेटल और ऑटो में 1% से ज़्यादा की बढ़त रही। फार्मा और मीडिया मामूली नीचे रहे।
तेज़ी चौतरफा थी। शुरुआत में निफ्टी नेक्स्ट 50 में 1.16% और निफ्टी मिडकैप 100 में 0.78% की बढ़त रही, जबकि स्मॉलकैप सूचकांक कम चढ़े। बाज़ार में डर का पैमाना माना जाने वाला इंडिया विक्स 1.4% बढ़कर 15.52 पर रहा।
कारोबारियों की नज़र किस पर
यह बढ़त न्यूयॉर्क के कमज़ोर संकेतों के बावजूद आई, जहां शुक्रवार को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर भारी खर्च की चिंता में नैस्डैक 2.86% गिरा था। एशियाई बाज़ार मिले-जुले रहे; सोल का कोस्पी ऊपर और टोक्यो का निक्केई हल्का नीचे था।
सोमवार को आगे आईटीसी, मैरिको और नाल्को के नतीजे आने हैं और अक्टूबर का अंतिम एचएसबीसी मैन्युफैक्चरिंग पीएमआई भी जारी होना है। बाज़ार दिसंबर में अमेरिका में ब्याज दर बढ़ने की 72% संभावना मानकर चल रहा है, और मंगलवार का अमेरिकी मध्यावधि चुनाव वैश्विक निवेशकों के मूड की अगली बड़ी परीक्षा है।