अर्थव्यवस्थाबाजार
एशिया में चिप शेयरों की भारी बिकवाली के बीच दोपहर 1 बजे सेंसेक्स 647 अंक ऊपर
शुक्रवार दोपहर 1 बजे तक निजी बैंकों और आईटी कंपनियों के दम पर सेंसेक्स 79,956.74 और निफ्टी 50 24,678.55 पर पहुंच गया, जबकि रुपया 40 पैसे मजबूत होकर सात महीने के ऊंचे स्तर पर आ गया।

मुख्य बातें
- दोपहर 1 बजे सेंसेक्स 646.73 अंक ऊपर 79,956.74 पर और निफ्टी 50 141.95 अंक ऊपर 24,678.55 पर था।
- रुपया डॉलर के मुकाबले 40 पैसे मजबूत होकर 94.066 पर पहुंचा, जो सात महीने से ज्यादा का सबसे मजबूत स्तर है।
- निजी बैंकों की अगुवाई में आईसीआईसीआई बैंक का शेयर ₹1,526.35 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा।
शुक्रवार को एशिया भर के बाजारों में भारी गिरावट के बावजूद भारतीय शेयर पूरे कारोबार में चढ़ते रहे। दोपहर 1 बजे सेंसेक्स 646.73 अंक यानी 0.82% ऊपर 79,956.74 पर और निफ्टी 50 141.95 अंक यानी 0.58% ऊपर 24,678.55 पर था।
दिन की शुरुआत शांत रही। सेंसेक्स 79,371 पर खुला, जो गुरुवार के 79,310.01 के बंद स्तर से जरा ही ऊपर था, जबकि निफ्टी 50 मामूली गिरावट के साथ खुला। सुबह भर खरीदारी जारी रही: दोपहर 12 बजे तक सेंसेक्स 450.38 अंक ऊपर 79,760.39 पर था और अगले एक घंटे में करीब 200 अंक और जुड़ गए, जिससे वह 80,000 के करीब पहुंच गया।
| मद | मान |
|---|---|
| गुरु. बंद | 79,310.01 |
| शुरुआत | 79,371.00 |
| 12 बजे | 79,760.39 |
| 1 बजे | 79,956.74 |
बैंक और आईटी ने संभाला बाजार
आईटी कंपनियों के साथ निजी बैंक दिन के सबसे मजबूत क्षेत्र रहे। दोपहर करीब 12:30 बजे आईसीआईसीआई बैंक 2% चढ़कर ₹1,526.35 के रिकॉर्ड पर पहुंचा, जिससे चार कारोबारी सत्रों में इसकी बढ़त 10% हो गई। सितंबर तिमाही के नतीजों के बाद महिंद्रा एंड महिंद्रा का शेयर लगातार पांचवें दिन करीब 5% चढ़ा, और साई लाइफ साइंसेज 10.3% तक उछलकर ₹1,775 के रिकॉर्ड पर पहुंचा।
नतीजों ने कुछ कंपनियों को झटका भी दिया। तिमाही मुनाफा 17.17% घटने के बाद 3एम इंडिया 5.7% गिरकर 52 हफ्ते के निचले स्तर ₹27,655 पर आ गया, और परिचालन मार्जिन घटने से गोदरेज एग्रोवेट 5.6% फिसलकर ₹561.25 पर आ गया।
एशिया लाल निशान में
बाकी जगह तस्वीर बिल्कुल अलग थी। रात में चिप और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शेयरों में बिकवाली से नैस्डैक 100 6.4% टूट गया। सुबह जापान का निक्केई 225 5.27% नीचे था और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 8.8% तक गिर गया, जिससे सर्किट ब्रेकर लग गया।
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार ने कहा, “अमेरिकी बाजारों में मची तबाही का असर आज ज्यादातर दूसरे बाजारों पर पड़ा, लेकिन भारत पर सबसे कम असर हुआ।” उन्होंने कहा कि यह टेक गिरावट, खासकर एआई कारोबार की तेज सुस्ती, भारत के लिए फायदेमंद साबित होगी।
रुपया भी तेजी में शामिल हुआ। दोपहर 12:10 बजे तक यह गुरुवार के 94.47 के बंद स्तर से 40 पैसे मजबूत होकर 94.066 पर पहुंच गया, जो सात महीने से ज्यादा का इसका सबसे मजबूत स्तर है।