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हरदीप पुरी मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए निर्विरोध चुने गए
कांग्रेस समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार का नामांकन खारिज होने के बाद केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री को एल मुरुगन की खाली सीट बिना मतदान के मिली। कांग्रेस विधायकों ने हाईकोर्ट जाने की बात कही है।

मुख्य बातें
- गुरुवार दोपहर 3 बजे नाम वापसी का समय खत्म होने के बाद हरदीप सिंह पुरी निर्विरोध निर्वाचित घोषित हुए।
- कांग्रेस समर्थित राजकुमार लोहानी का नामांकन फॉर्म 26 का हलफनामा न होने से खारिज हुआ।
- पुरी इस सीट पर एल मुरुगन का बाकी कार्यकाल, 2 अप्रैल 2030 तक, पूरा करेंगे।
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी गुरुवार को मध्य प्रदेश से राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए। दोपहर 3 बजे नाम वापसी की समय सीमा खत्म होने तक मैदान में उनके सामने कोई उम्मीदवार नहीं बचा था।
यह सीट तब खाली हुई जब एल मुरुगन ने 14 अक्टूबर को तमिलनाडु की राजनीति में लौटने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल और राज्यसभा से इस्तीफा दिया। पुरी उस कार्यकाल का बाकी हिस्सा, 2 अप्रैल 2030 तक, पूरा करेंगे। मतदान 12 नवंबर को होना था, जिसकी अब जरूरत नहीं रही।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भोपाल में मध्य प्रदेश विधानसभा में निर्वाचन अधिकारी उमेश कुमार शर्मा से पुरी का निर्वाचन प्रमाण पत्र लिया। इस दौरान उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा और भगवानदास सबनानी मौजूद थे।
मुकाबला कैसे खत्म हुआ
कांग्रेस ने पुरी के खिलाफ भोपाल के दुकानदार राजकुमार लोहानी को निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में समर्थन दिया था। मंगलवार को जांच में उनका नामांकन खारिज हो गया, क्योंकि 2 नवंबर को दोपहर 3 बजे की समय सीमा तक अनिवार्य फॉर्म 26 का हलफनामा जमा नहीं था। खबरों के मुताबिक लोहानी ने कहा कि उन्होंने कागजात हार्ड और सॉफ्ट कॉपी में दिए थे, पर हलफनामे की मूल प्रति समय पर जमा नहीं कर पाए, और निर्वाचन अधिकारी ने उन्हें और समय नहीं दिया। दूसरे निर्दलीय कांते सयन्ना का नामांकन जरूरी संख्या में विधायकों के प्रस्तावक न होने से खारिज हुआ।
लोहानी, सयन्ना और कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे और आतिफ अकील ने पुरी के हलफनामे पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने विदेशी संपत्ति, पत्नी के ब्योरे, संपत्ति के मूल्यांकन और नोटरी से जुड़ी कथित गड़बड़ियां गिनाई थीं। निर्वाचन अधिकारी ने आपत्तियां खारिज कर दीं और कहा कि पुरी के कागजात में कोई कमी नहीं है। खबरों के मुताबिक कटारे और अकील ने कहा कि वे इस फैसले को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (उच्च न्यायालय) में चुनौती देंगे।
भाजपा ने 28 अक्टूबर को पुरी को इस सीट के लिए उम्मीदवार बनाया था, और उन्होंने 31 अक्टूबर को मुख्यमंत्री मोहन यादव और उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल और जगदीश देवड़ा की मौजूदगी में नामांकन भरा था।
मूल दस्तावेज़
- Hardeep Singh Puri files nomination for Rajya Sabha by-election from Madhya PradeshAll India Radio News, 31 अक्टूबर 2026