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खेलक्रिकेट

रघुवंशी के नाबाद 66 रन, रेलवे के खिलाफ लंच तक मुंबई बिना विकेट खोए 109

क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया में अंगकृष रघुवंशी और दिव्यांश सक्सेना ने पहला पूरा सत्र निकाल दिया। पहले गेंदबाजी चुनने वाली रेलवे को एक भी विकेट नहीं मिला।

संपादकीय डेस्क से · मुंबईप्रकाशित
मुंबई में क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया का ब्रेबोर्न स्टेडियम (फ़ाइल फ़ोटो)
मुंबई में क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया का ब्रेबोर्न स्टेडियम (फ़ाइल फ़ोटो)Photo: Ajay Goyal / Wikimedia Commons, CC BY 2.0

मुख्य बातें

  1. रेलवे के खिलाफ 31 ओवर के बाद लंच तक मुंबई बिना नुकसान 109 रन पर थी।
  2. अंगकृष रघुवंशी 95 गेंद पर 66 रन बनाकर नाबाद रहे, जिसमें नौ चौके और दो छक्के शामिल हैं।
  3. पहले गेंदबाजी चुनने वाली रेलवे ने सात गेंदबाज आजमाए, पर विकेट नहीं मिला।

सोमवार को क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया में मुंबई के सलामी बल्लेबाजों ने पूरा सुबह का सत्र निकाल दिया। रेलवे के खिलाफ रणजी ट्रॉफी के चौथे दौर के पहले दिन लंच तक मुंबई बिना विकेट खोए 109 रन पर पहुंच गई।

रेलवे ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी थी और उसे ब्रेबोर्न की पिच से शुरुआती मदद की उम्मीद थी, जो नहीं मिली। पहले चार ओवर में सिर्फ 10 रन की सधी हुई शुरुआत के बाद अंगकृष रघुवंशी ने हाथ खोले और लंच तक 95 गेंद पर 66 रन बनाकर नाबाद रहे। उन्होंने नौ चौके और दो छक्के लगाए।

दिव्यांश सक्सेना ने एक छोर संभाले रखा। उन्होंने 91 गेंद पर चार चौकों की मदद से 39 रन बनाए। दोनों ने 31 ओवर में 186 गेंद पर 109 रन जोड़े, जिनमें चार रन बाई के थे।

रेलवे ने गेंदबाजी में लगातार बदलाव किए और लंच से पहले सात गेंदबाज आजमाए। आदर्श सिंह सबसे किफायती रहे, जिन्होंने तीन मेडन के साथ सात ओवर में 23 रन दिए। हिमांशु सांगवान ने सात ओवर में 19 रन दिए। तौफीक उद्दीन मंडल सबसे महंगे रहे, जिन्होंने दो ओवर में 18 रन लुटाए।

एलीट ग्रुप डी में तीन बोनस अंक वाली जीत के साथ अजेय चल रही मुंबई के लिए इस सत्र ने पहली पारी में बड़े स्कोर का रास्ता खोल दिया है। सलामी जोड़ी के बाद मुशीर खान, सिद्धेश लाड और सरफराज खान बल्लेबाजी के लिए तैयार हैं, जबकि शम्स मुलानी और तनुष कोटियन निचले क्रम में हैं।

रेलवे को ब्रेक के बाद जल्दी विकेट चाहिए। सफेद गेंद के सीजन से पहले रणजी ट्रॉफी का यह आखिरी दौर है, और मैदान पर लंबा दिन बिताने के बाद टीम को बाकी तीन दिन मैच में पीछे से खेलना पड़ सकता है।