सोमवार, 2 नवंबर
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सेंसेक्स 75,383.98 +1.24%निफ्टी 50 23,319.55 +1.16%₹ / $ 94.97

अर्थव्यवस्थाबाज़ार

दोपहर तक सेंसेक्स 900 अंक से ज़्यादा ऊपर टिका, निफ्टी 23,360 के नए ऊंचे स्तर पर

करीब 8% चढ़े रिलायंस इंडस्ट्रीज़ ने देर सुबह तक तेज़ी बनाए रखी, हालांकि बाज़ार के साथ डर का पैमाना इंडिया VIX भी चढ़ा और रुपया डॉलर के मुकाबले 95 के पास कमज़ोर रहा।

संपादकीय डेस्क से · मुंबईप्रकाशित
कोलकाता के न्यू टाउन में कोल इंडिया का मुख्यालय कोल भवन (फाइल फोटो) (फ़ाइल फ़ोटो)
कोलकाता के न्यू टाउन में कोल इंडिया का मुख्यालय कोल भवन (फाइल फोटो) (फ़ाइल फ़ोटो)Photo: Radhamadhab Sarangi / Wikimedia Commons, CC0

मुख्य बातें

  1. सुबह 11:22 बजे सेंसेक्स 924 अंक ऊपर 75,383.98 पर और निफ्टी 266 अंक ऊपर 23,319.55 पर था।
  2. निफ्टी ने दिन का नया ऊंचा स्तर 23,360.50 छुआ, जो सुबह के शिखर से ऊपर है।
  3. रिलायंस करीब 8% चढ़ा; कोल इंडिया, श्रीराम फाइनेंस और मैक्स हेल्थकेयर में भी 4% से ज़्यादा तेज़ी रही।

सोमवार को भारतीय शेयर बाज़ार ने सुबह की बड़ी बढ़त का ज़्यादातर हिस्सा दोपहर तक बनाए रखा। रिलायंस इंडस्ट्रीज़ अब भी तेज़ी की अगुवाई कर रहा था और निफ्टी 50 दिन के नए ऊंचे स्तर पर पहुंचा।

सुबह 11:22 बजे सेंसेक्स 75,383.98 पर था, यानी करीब 924 अंक या 1.24% ऊपर, और निफ्टी 50 करीब 266 अंक या 1.16% चढ़कर 23,319.55 पर। पहले घंटे में सेंसेक्स 1,030 अंक तक चढ़ा था, यानी तेज़ी थोड़ी ही ठंडी पड़ी, जबकि निफ्टी ने 23,360.50 का नया ऊंचा स्तर छुआ, जो सुबह के शिखर से करीब 30 अंक ऊपर है।

रिलायंस आगे, कोयला और स्टील पीछे-पीछे

रिलायंस इंडस्ट्रीज़ करीब 8% ऊपर लगभग ₹1,254 पर कारोबार कर रहा था। सितंबर तिमाही में कंपनी का मुनाफ़ा पिछले साल से करीब 41% बढ़ने के बाद निवेशकों की खरीदारी जारी रही। सूचकांक की बढ़त में अब भी इसका योगदान सबसे बड़ा रहा।

इसके पीछे कमोडिटी और वित्तीय कंपनियों के शेयर रहे। श्रीराम फाइनेंस करीब 5% चढ़ा, कोल इंडिया और मैक्स हेल्थकेयर करीब 4.6% और टाटा स्टील करीब 4.4%। दूसरी ओर अदाणी पोर्ट्स, इंफोसिस, आईसीआईसीआई बैंक और सन फार्मा निफ्टी के मुख्य पिछड़ने वाले शेयर रहे, जिनमें करीब 0.7% से 1.3% तक की गिरावट रही।

भीतर घबराहट भी

हर संकेत उतना खुशनुमा नहीं था। निफ्टी में संभावित उतार-चढ़ाव मापने वाला इंडिया VIX सुबह 10:05 बजे तक करीब 2.4% चढ़कर 15.66 पर पहुंच गया। जिस दिन सूचकांक 1% से ज़्यादा ऊपर हो, उस दिन ऐसा कम होता है। तेज़ी के साथ VIX चढ़ने का मतलब आम तौर पर यह है कि कारोबारी किसी भी दिशा में तेज़ झटके से बचाव के लिए ज़्यादा कीमत चुका रहे हैं।

मुद्रा बाज़ार में भी सावधानी दिखी। डॉलर मज़बूत होने से रुपया शुरुआती कारोबार में शुक्रवार के 94.76 से 21 पैसे गिरकर 94.97 प्रति डॉलर पर आ गया, जबकि ब्रेंट कच्चा तेल करीब 3% गिरकर 110 डॉलर प्रति बैरल से कुछ नीचे था।

कोटक नियो में कमोडिटी और करेंसी रिसर्च के प्रमुख अनिंद्य बनर्जी ने कहा, “अक्टूबर के अंत में 94.95 के पास बंद होने के बाद USDINR के 94.40-95.60 के दायरे में रहने की संभावना है।” उनके मुताबिक सस्ता कच्चा तेल रुपये को सहारा देगा, जबकि तेल फिर चढ़ा तो डॉलर इस दायरे के ऊपरी छोर की ओर जाएगा।

दोपहर बाद किस पर नज़र

सस्ता तेल और विदेशी निवेशकों की वापसी, जिन्होंने शुक्रवार को करीब ₹3,600 करोड़ के शेयर खरीदे, बाज़ार के मुख्य सहारे बने हुए हैं। कारोबारी देखेंगे कि क्या निफ्टी बंद होने तक 23,300 के ऊपर टिक पाता है और अमेरिका-ईरान संघर्ष खत्म करने की बातचीत के बीच तेल किस ओर जाता है।