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अक्टूबर में 6.72 करोड़ टन के रिकॉर्ड उत्पादन से कोल इंडिया के शेयर 4% से ज़्यादा चढ़े
सरकारी खनन कंपनी ने पिछले महीने अपने 51 साल के इतिहास में किसी भी महीने से ज़्यादा कोयला निकाला और भेजा, और निवेशकों ने इसे दिन के सबसे बड़े निफ्टी फायदे वाले शेयरों में पहुंचा दिया।

मुख्य बातें
- सोमवार दोपहर 12 बजे कोल इंडिया का शेयर 4.22% ऊपर ₹405.40 पर था।
- अक्टूबर में उत्पादन 6.72 करोड़ टन के मासिक रिकॉर्ड पर पहुंचा, जो एक साल पहले से करीब 19% ज़्यादा है।
- आपूर्ति पहली बार एक महीने में 7 करोड़ टन के पार गई और 7.03 करोड़ टन रही।
सोमवार को कोल इंडिया के शेयर 4% से ज़्यादा चढ़ गए, क्योंकि सरकारी खनन कंपनी ने कोयला निकालने और भेजने, दोनों में अपना अब तक का सबसे अच्छा महीना दर्ज किया।
दोपहर 12 बजे शेयर ₹405.40 पर, 4.22% ऊपर था और करीब 58 लाख शेयरों का कारोबार हुआ। इससे यह निफ्टी 50 के पांच सबसे बड़े फायदे वाले शेयरों में रहा, ऐसे दिन जब पूरा बाज़ार 1% से ज़्यादा ऊपर था।
रिकॉर्ड वाला महीना
कंपनी ने बताया कि अक्टूबर में उसने 6.72 करोड़ टन कोयले का उत्पादन किया, जो किसी भी महीने का सबसे ऊंचा स्तर है और अक्टूबर 2024 के 6.247 करोड़ टन के पिछले रिकॉर्ड से काफी ऊपर है। उत्पादन पिछले साल अक्टूबर के 5.64 करोड़ टन से करीब 19% ज़्यादा रहा।
आपूर्ति का प्रदर्शन और भी बेहतर रहा। कोल इंडिया ने 7.03 करोड़ टन कोयला भेजा, पहली बार उसकी मासिक आपूर्ति 7 करोड़ टन के पार गई। इससे इस साल मार्च का 6.94 करोड़ टन का रिकॉर्ड टूट गया।
इस कोयले का बड़ा हिस्सा बिजलीघरों को गया। बिजली क्षेत्र को आपूर्ति 5.71 करोड़ टन के रिकॉर्ड पर पहुंची, और रेलवे ने बिजलीघरों के लिए रोज़ औसतन 310 रेक लादे, जबकि मार्च 2025 में पिछला सबसे अच्छा आंकड़ा 302.8 था। ओडिशा की इकाई महानदी कोलफील्ड्स ने पहली बार एक महीने में 2 करोड़ टन से ज़्यादा आपूर्ति की।
इसका महत्व
ये आंकड़े ऐसे समय आए जब कोल इंडिया ने रविवार को अपना 51वां स्थापना दिवस मनाया। कंपनी ने 2025-26 में 76.8 करोड़ टन कोयला निकाला था और इस साल के लिए 81.5 करोड़ टन का लक्ष्य रखा है, और रिकॉर्ड अक्टूबर उसे इस लक्ष्य के करीब ले जाता है।
कंपनी खर्च भी तेज़ी से कर रही है। साल की पहली छमाही में पूंजीगत खर्च 27% बढ़कर ₹7,966 करोड़ हो गया, जो इस अवधि की योजना से ज़्यादा है।