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रिकॉर्ड पैरा दल से मोदी बोले, 'आपने पूरे देश को गर्व से भर दिया'
जापान से 114 पदक लेकर लौटे पैरा-खिलाड़ियों से मिलकर प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत खेल की दुनिया में बड़ी ताकत बनकर उभर रहा है।

मुख्य बातें
- नरेंद्र मोदी गुरुवार को नई दिल्ली में एशियाई पैरा खेलों के भारतीय दल से मिले।
- उन्होंने कहा कि 2010 के 14 पदकों से इस साल 114 पदक तक का सफर मेहनत और बेहतर सहायता का नतीजा है।
- मोदी ने भाला फेंक खिलाड़ी रिंकू की श्रद्धांजलि का खास जिक्र किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को एशियाई पैरा खेलों के भारतीय दल से कहा कि उन्होंने पूरे देश को अपार गर्व से भर दिया है। वे आइची-नागोया से रिकॉर्ड 114 पदक जीतकर लौटे पैरा-खिलाड़ियों से मिल रहे थे।
यह मुलाकात 5 नवंबर 2026 को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी खेल परिसर में हुई। खेल मंत्री मनसुख मांडविया और युवा कार्यक्रम एवं खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे भी प्रधानमंत्री के साथ मौजूद थे।
मोदी ने कहा कि वे खिलाड़ियों से मिलने का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे और उनके नतीजे दिखाते हैं कि भारत खेल की दुनिया में बड़ी ताकत बनकर उभर रहा है। उन्होंने 2010 के खेलों के 14 पदकों से इस साल 114 पदकों तक की छलांग को खिलाड़ियों की मेहनत और मजबूत सहायता व्यवस्था से जोड़ा। उन्होंने याद दिलाया कि 2014 से पहले संसाधन, सहयोग और पारदर्शिता की कमी के कारण कई माता-पिता बच्चों को खेल में भेजने से हिचकते थे।
उन्होंने भाला फेंक खिलाड़ी रिंकू का भी जिक्र किया, जिन्होंने स्वर्ण जीतने के बाद अपनी मां की तस्वीर उठाई थी। खेलों से दो महीने पहले उनकी मां का निधन हो गया था। मोदी ने कहा कि इस पल ने देश के हर नागरिक की आंखें नम कर दीं।
रिकॉर्ड प्रदर्शन
भारत ने जापान में 30 स्वर्ण, 35 रजत और 49 कांस्य जीते। यह हांगझोउ के 108 पदकों से आगे है; वहां की संख्या 111 थी, जो डोपिंग मामलों में तीन पदक छिनने के बाद घटी। 168 खिलाड़ियों का दल हांगझोउ भेजे गए 309 खिलाड़ियों से काफी छोटा था, फिर भी उसने पांच विश्व रिकॉर्ड और नौ एशियाई रिकॉर्ड बनाए और चार स्पर्धाओं में तीनों पदक जीते।
महिलाओं का योगदान बड़ा रहा: भारत की 56 में से 34 महिला खिलाड़ी पदक लेकर लौटीं। आखिरी दिन ही भारत ने नौ स्वर्ण जीते।
यह मुलाकात 15 अक्टूबर के उस कार्यक्रम जैसी थी, जब मोदी ने राजधानी में एशियाई खेलों के पदक विजेताओं की मेजबानी की थी।