राज्यआंध्र प्रदेश
जगन बोले, परिषद चुनाव 'न स्वतंत्र थे न निष्पक्ष'; नायडू सरकार पर चुनाव हथियाने का आरोप
गुरुवार को मंडल और जिला परिषद सीटों पर मतदान खत्म होते ही वाईएसआरसीपी प्रमुख ने आरोप लगाया कि पुलिस और सत्ताधारी दल के कार्यकर्ताओं ने नामांकन रोके, उनके एजेंटों को बाहर निकाला और बूथों पर धांधली की।

मुख्य बातें
- जगन मोहन रेड्डी ने कहा कि परिषद चुनाव न स्वतंत्र थे न निष्पक्ष, और यह लोकतंत्र पर दाग है।
- उनका आरोप है कि विपक्षी उम्मीदवारों को 84 जेडपीटीसी और 2,109 एमपीटीसी सीटों से बाहर रखा गया।
- उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बावजूद 31,460 में से सिर्फ 16,064 मतदान केंद्रों पर सीसीटीवी लगे।
वाईएसआरसीपी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने गुरुवार को आंध्र प्रदेश में हुए मंडल और जिला परिषद चुनावों पर तीखा हमला बोला और कहा कि इस कवायद को चुनाव कहना ही गलत है।
पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में पत्रकारों से उन्होंने कहा, “ऐसी कवायद को चुनाव कहलाने का हक नहीं, क्योंकि यह न स्वतंत्र थी न निष्पक्ष।” उस समय 582 जेडपीटीसी और 7,767 एमपीटीसी सीटों के लिए शाम 5 बजे मतदान खत्म हो रहा था। उन्होंने कहा, “ऐसा चुनाव लोकतंत्र के चेहरे पर दाग है।”
नामांकन से मतदान तक
जगन ने मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू की गठबंधन सरकार पर नामांकन से लेकर मतगणना तक पूरी प्रक्रिया अपने हाथ में लेने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि पुलिस और सत्ताधारी दल के कार्यकर्ताओं ने विपक्षी उम्मीदवारों को पर्चा भरने से रोका और उन्हें 84 जेडपीटीसी और 2,109 एमपीटीसी सीटों से बाहर रखा गया।
उन्होंने कहा कि राज्य चुनाव आयोग, सरकार और पुलिस ने निगरानी पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश नहीं माने और 31,460 में से सिर्फ 16,064 मतदान केंद्रों पर सीसीटीवी लगे। उनके आरोप के मुताबिक मतदान के दिन मरुतला, चंद्रगिरि, सुंकेसुला, वेलिगंडला और उनके अपने पुलिवेंदुला क्षेत्र के वेमुला और लिंगाला मंडलों में वाईएसआरसीपी एजेंटों को घसीटकर निकाला गया या हिरासत में लिया गया, मतदाताओं पर हमले हुए और फर्जी वोट डाले गए।
उन्होंने पिछले रविवार के शहरी निकाय चुनावों के मतदान आंकड़ों पर भी सवाल उठाए और कहा कि मतदान खत्म होने के बाद अद्दंकी में आंकड़ा 19% से 56.7% तक पहुंच गया।
आगे क्या
राज्य चुनाव आयोग ने दिन में कहा था कि मतदान शांतिपूर्ण चल रहा है और हर बूथ पर एजेंट मौजूद हैं। आरोपों पर न आयोग ने जवाब दिया है, न सरकार ने। वोटों की गिनती 7 नवंबर को होगी।