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राज्यराजस्थान

राजस्थान की स्थानीय निकाय सूची में एसआईआर रोल से करीब 30 लाख नाम ज्यादा: निखिल डे

सामाजिक कार्यकर्ता का कहना है कि एसआईआर में हटाए गए 26.63 लाख मतदाता राज्य निर्वाचन आयोग की शहरी और पंचायत सूचियों में अब भी हैं। आयोग का कहना है कि उसने तैयारी जल्दी शुरू होने से पुरानी सूची ली।

संपादकीय डेस्क से · जयपुरसंपादन: पुनीत पनेसरप्रकाशित
गांधी न्यूज़ ग्राफ़िक: दो सूचियां, करीब 30 लाख नामों का फर्क
गांधी न्यूज़ ग्राफ़िक: दो सूचियां, करीब 30 लाख नामों का फर्कग्राफ़िक: गांधी न्यूज़

मुख्य बातें

  1. कार्यकर्ता निखिल डे के अनुसार एसआईआर में हटाए गए 26.63 लाख मतदाता स्थानीय निकाय सूची में अब भी हैं।
  2. राज्य निर्वाचन आयोग की सूचियों में करीब 5.45 करोड़ मतदाता हैं, जबकि अंतिम एसआईआर रोल में 5.15 करोड़।
  3. आयोग का कहना है कि सूचियां 1 जनवरी 2025 के एसआईआर-पूर्व रोल पर बनीं।

राजस्थान की स्थानीय निकाय मतदाता सूचियों में चुनाव आयोग के अंतिम एसआईआर रोल से करीब 30 लाख नाम ज्यादा हैं। रविवार को जयपुर में सामाजिक कार्यकर्ता निखिल डे ने यह बात कही।

मजदूर किसान शक्ति संगठन के संस्थापक डे ने कहा कि उनके विश्लेषण में एसआईआर के दौरान हटाए गए 26.63 लाख मतदाता राज्य निर्वाचन आयोग की 2026 की शहरी और पंचायत सूचियों में अब भी मौजूद हैं। उन्होंने पूछा कि बूथ स्तर के अधिकारी एक सूची में किसी मतदाता को मृत दर्ज करें और उसी व्यक्ति को दूसरी सूची में रहने दें, यह कैसे हो सकता है।

आंकड़ों का अंतर

चुनाव आयोग के फरवरी 2026 में प्रकाशित अंतिम एसआईआर रोल ने राजस्थान के मतदाताओं की संख्या 5.47 करोड़ से घटाकर 5.15 करोड़ कर दी। कुल 44.28 लाख नाम हटाए गए और 12.91 लाख जोड़े गए। राज्य निर्वाचन आयोग की उन्हीं 199 विधानसभा क्षेत्रों की सूचियों में अब भी करीब 5.45 करोड़ मतदाता हैं, यानी एसआईआर रोल से लगभग 30 लाख अधिक।

डे ने सवाल उठाया कि जब अंतिम एसआईआर सूची उपलब्ध थी, तो आयोग ने पुरानी सूची क्यों चुनी। उनके अनुसार मतदाता सूचियां लगातार अपडेट होती हैं और आयोग नई सूची अपना सकता था। उन्होंने यह भी पूछा कि आयोग पुरानी सूची को ज्यादा सटीक क्यों मानता है।

आयोग का पक्ष

राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राजेश वर्मा ने कहा कि आयोग ने स्थानीय निकाय चुनावों के आधार के रूप में चुनाव आयोग का 1 जनवरी 2025 को अपडेट हुआ एसआईआर-पूर्व रोल लिया। उन्होंने कहा कि आयोग परंपरागत रूप से वार्षिक विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण से संशोधित सूचियों पर भरोसा करता है, और अंतर इसलिए है कि स्थानीय चुनावों की तैयारी बहुत पहले शुरू हो गई थी।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवीन महाजन ने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग ने एसआईआर-पूर्व सूची पर भरोसा किया। उन्होंने कहा कि राजस्थान में अंतिम एसआईआर रोल पर कोई आपत्ति नहीं उठाई गई थी।

राज्य में पंचायत चुनाव पहले से चल रहे हैं। रविवार दोपहर तक डे के दावों पर चुनाव आयोग का कोई सीधा जवाब सामने नहीं आया था।